एटा। रात के समय अगर आप जिला मुख्यालय से आसपास के कस्बे या गांव तक जाना चाहते हैं तो समस्या हो सकती है। स्थानीय स्तर पर रात के समय लोकल रोडवेज बसें संचालित नहीं की जा रहीं हैं। लंबी दूरी की बाहरी डिपो वाली बसों के चालक-परिचालक बिठाते नहीं हैं। ऐसे में निजी वाहन से अधिक किराया और जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है।
अन्य शहरों की तरह एटा में अभी तक सिटी या लोकल बस का संचालन शुरू नहीं हो सका है। यही वजह है कि लोगों को रात के समय यात्रा करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बाहरी डिपो के चालक-परिचालक लोकल की टिकट न होने की बात कहकर बिठाते नहीं हैं। इसके कारण जिला मुख्यालय से आसपास के लगभग 15 से 20 किलोमीटर के क्षेत्र में जाने के लिए जान जोखिम में डालकर लोग निजी वाहन से आवागमन करते हैं।
कई बार लोगों ने शहर से आसपास के कस्बों और देहात तक लोकल बस संचालन की मांग की। इसके बाद भी परिवहन निगम की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। इसी वजह से देर शाम या रात के समय ग्रामीण क्षेत्र तक जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिलता। लोग ऑटो या निजी वाहन के माध्यम से यात्रा करते हैं।
देर शाम या रात होने पर रोडवेज बस नहीं मिलती। ऑटो या निजी वाहन की बुकिंग करके आना पड़ता है। किराया भी अधिक है और जान भी जोखिम में पड़ जाती है। इसलिए लोकल रूट पर रात के समय भी बस सेवा शुरू होनी चाहिए। -दयालु, आसपुर
रात के समय यात्रा करने पर लोकल रूट पर रोडवेज तो मिलती नहीं है। लंबी दूरी की मिल भी जाती है तो किराया अधिक लेते हैं। इसी समस्या को देखते हुए आसपास के क्षेत्र के लिए रात के समय बस संचालन होना चाहिए। -जयवीर सिंह, सेंथरी
लोगों की समस्या को देखते हुए रात के समय भी जल्द ही बस संचालन शुरू किया जाएगा। हर यात्री को उसके गंतव्य तक पहुंचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।- नरेश कुमार गुप्ता, एआरएम