एटा। अलीगंज में मोहर्रम की सातवीं तारीख पर अलम का जुलूस निकाला गया। इसमें काफी भीड़ रही। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
अलम का जुलूस मोहल्ला काजी से शुरू हुआ। इसमें पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन व उनके कुनबे के 72 साथियों की शहादत को याद किया गया। या हुसैन या अली की सदाएं बुलंद रहीं। नगर के टपकन टोला, गांधी मूर्ति चौराहा, तहसील रोड आदि मार्गों से होकर जुलूस वापस मोहल्ला काजी में पहुंचकर संपन्न हुआ। युवकों ने तरह-तरह के करतब दिखाए। जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई थी।
क्षेत्राधिकारी सुधांशु शेखर, कोतवाली प्रभारी अमित कुमार पुलिस फोर्स सहित सुरक्षा व्यवस्था में रहे। बसपा नेता जुनैद मियां, अफजाल खान, तारिक मियां, हनीफ, अफसर हुसैन, अनवर उस्ताद, मुजम्मिल खान, सानू अली आदि रहे।
-
सकीट में निकाला अलम का जुलूस
सकीट। अलम का जुलूस कस्बा के मोहल्ला काजी से शुरू किया गया, जो मानिक चंद्र तिराहा, कैलाश चंद्र तिराहा, मोहल्ला चक, मोहल्ला पोस्तीखाना, शैदपुरा व शेखपुरा मस्जिद होते हुए वापस मोहल्ला काजी पर पहुंचकर संपन्न हुआ। युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। संवाद