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Etah News: नए औद्योगिक आस्थान से बढ़ेगी जलेसर के घंटे-घुंघरू की खनक

Mon, 04 May 2026 11:43 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। जलेसर क्षेत्र में घुंघरू और घंटे का बड़ा कारोबार है। यहां कारोबारियों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत टीटीजेड क्षेत्र की है। टीटीजेड की बंदिश के कारण कारोबारी भट्ठियों का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। अब इससे कारोबारियों को राहत मिलने जा रही है। जलेसर-सिकंदराराऊ रोड पर गांव मकसूदपुर में औद्योगिक आस्थान बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। 6.88 एकड़ में यह औद्याेगिक आस्थान विकसित किया जाएगा। इसके प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है।
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जलेसर का घुंघरू-घंटी उद्योग यहां का प्रमुख कारोबार है। एक जनपद-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत घुंघरू-घंटी को ही शामिल किया गया है। जलेसर के पीतल उत्पादों से जुड़े छोटे-बड़े 100 के करीब कारोबारी हैं। सैकड़ों हस्तशिल्पी भी इस कारोबार से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। कुछ कारोबारी निर्यात भी कर रहे हैं। घुंघरू-घंटी के साथ यहां के पीतल उत्पाद प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूसरे क्षेत्रों में भी सरकारी मदद से चमकते नजर आ रहे हैं। पीतल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अब उद्यमी और हस्तशिल्पियों को भी बैंकों से आर्थिक मदद ऋण के रूप में मिल रही है।
इससे छोटे-बड़े व्यापारियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जलेसर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 500 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयों में 10 हजार से अधिक कारीगर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। उद्यमियों के अनुसार पीतल पिघलाने के लिए उच्च तापमान की आवश्यकता होती है। टीटीजेड के कारण कई गांव ऐसे हैं जहां भट्ठियां चलाना प्रतिबंधित है। इसके चलते कारोबारियों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है लेकिन अब इसको राहत मिलते दिख रही है। सिकंदराराऊ रोड पर गांव मकसूदपुर पर नए औद्योगिक आस्थान के लिए मंजूरी मिल गई है। खास बात है कि यह गांव टीटीजेड की सीमा से बाहर है। ऐसे में कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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औद्योगिक आस्थान में उद्यम के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, एनओसी आदि मिलने में आसानी रहती है। इससे जलेसर के कारोबार को बड़ा फायदा होगा। -अचल मित्तल
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टीटीजेड जोन का जलेसर में बड़ा प्रभाव है। इसके चलते उद्यम के संचालन में चुनौतियां रहती हैं। मकसूदपुर में उद्यम बनने से चीजें सुलभ होंगी। इससे कारोबारियों को फायदा होगा। -कपिल गुप्ता
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जलेसर के मकसूदपुर गांव में नए औद्योगिक आस्थान का प्रस्ताव भेजा गया था। इसे मंजूरी मिल गई है। यह गांव टीटीजेड की सीमा से बाहर है। इससे कारोबार स्थापना में आसानी होगी। - अर्चना कुमारी, उपायुक्त उद्योग, एटा
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