राज्यकर्मियों का दूसरे दिन भी धरना जारी
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शासन की सहमति के बाद भी शासनादेश जारी नहीं होने से आक्रोशित राज्य कर्मचारियों का धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान संघर्ष समिति ने दफ्तरों में कामकाज नहीं होने दिया। इससे जहां दफ्तर में आए लोग भटकते रहे। वहीं इसका सबसे ज्यादा असर अस्पतालों में दिखा। हालांकि इमरजेंसी सेवा चलने के कारण गंभीर बीमारों को लेकर आए तीमारदारों को ज्यादा भटकना नहीं पड़ा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों का गुरुवार को भी दोपहर तक धरना चला। सुबह आठ से बारह बजे तक आपातकालीन चिकित्सा सेवा, पोस्टमार्टम को छोड़कर समस्त चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार रहा। परिषद के विभिन्न घटकों के पदाधिकारियों की संघर्ष समितियों का गठन करके अन्य कार्यालयों को बंद कराने का जिम्मा सौंपा गया। जिसका नेतृत्व रघुवीर सिंह यादव, जेएस दिनकर एवं घनेंद्र सिंह यादव ने किया। नलकूप कालोनी कार्यालय बंद कराते हुए नेताओं ने ऐलान किया कि तीसरे दिन समस्त कार्यालयों में पूर्ण हड़ताल रहेगी। इसी तरह यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन ने डीआईओएस कार्यालय में दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। इसमें बीएसए कार्यालय एवं डायट के लोग शामिल हुए। जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि मनमानी पर उतारू सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है। पूर्व अध्यक्ष वीके पांडेय ने कहा कि संगठन अब शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा। इस मौके पर वीरेश कुमार, नर सिंह चौहान, अनूप दुबे, अनूप चंदेल, रनवीर सिंह यादव, नईम अहमद, प्रमोद राठौर, धर्मेंद्र यादव एवं डायट के बलराम यादव आदि मौजूद रहे।