एटा। चार थाने और दो तहसील क्षेत्रों में काली नदी से लगातार खनन किया जा रहा है। अमर उजाला द्वारा इसका खुलासा किए जाने के बाद सदर और अलीगंज के एसडीएम को यह अवैध धंधा रोके जाने का जिम्मा सौंपा गया है। खासतौर से रात और तड़के नदी किनारों पर कांबिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। जो लोग खनन करते पाए जाएंगे उन्हें माफिया घोषित कर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
काली नदी में खनन के खिलाफ अमर उजाला 28 अप्रैल से लगातार अभियान चला रहा है। जिसके तहत अधिकारियों के निर्देश पर खनन विभाग और लेखपालों की एक टीम को 29 अप्रैल को सर्वे करने के लिए भेजा गया था। हालांकि निचले स्तर पर कर्मचारी खेल कर गए। खनन तो माना, लेकिन किसी का भी नाम जाहिर नहीं किया और अज्ञात लोगों के विरुद्ध थाना जैथरा में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
अब प्रशासन ने सीधे मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। एसडीएम सदर और एसडीएम अलीगंज अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाले खनन को रोकेंगे। साथ ही खनन करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। खासतौर पर यह भी कहा गया है कि दिन में खनन नहीं होता है इसलिए रात में और तड़के नदी किनारों की पड़ताल की जाए।
काली नदी के बहाव में सदर और अलीगंज क्षेत्र आते हैं। इन्हीं क्षेत्रों से खनन किए जाने की शिकायतें हैं। दोनों तहसील क्षेत्रों के एसडीएम से कहा गया है कि रात और तड़के मौके पर पहुंचकर देखें और खनन करने वालों पर कार्रवाई करें। ऐसे लोगों को खनन माफिया घोषित किया जाएगा।
- सुनील कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व