बुधवार रात पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे बंदी पंकज के परिवारीजनों ने पुलिस कर्मियों पर साजिशन हत्या का आरोप लगाया है। एसएसपी बदायूं ने लापरवाही बरतने पर तीनों सिपाही सस्पेंड कर दिए हैं। वहीं जेल में बंदी की मौत की घटना की जानकारी लगते ही गुरुवार सुबह एक बार फिर बंदी भूख-हड़ताल पर बैठ गए। प्रशासन की मानें तो केवल अफवाह थी। दूसरी ओर एक बंदी की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से आगरा रेफर कर दिया।
बता दें कि बुधवार दोपहर डकैती कोर्ट में तारीख करने के बाद वापस लौटते समय बस स्टैंड पर पंकज पुत्र सुरेश निवासी गढ़ी निर्भय थाना पचोखरा फीरोजाबाद बस के आगे कूद गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। बंदी के साथ तीन पुलिस कर्मी भी साथ थे। बुधवार रात को शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम गृह पहुंचे मृतक के बहनोई भूरे सिंह, बहन श्वेता, चचेरे भाई मनीष ने आरोप लगाया है कि पंकज की साजिशन हत्या की गई है। मनीष ने बताया कि पेशी के दौरान वह भी साथ था। बस स्टैंड पर पहुंचते ही पंकज ने उसे हत्या की रची जा रही साजिश के बारे में बताया था। बताया कि पंकज को उसी ने ही बस में बैठाया था।
उसके बाद वह कैसे बाहर आया। यह उसे पता नहीं। बताया कि नवंबर 2008 में हत्या के मामले में पंकज, मनीष, सूर्यकांत को फंसाया था, जिसमें मनीष की जमानत हो गई, जबकि दोनों जेल में निरुद्ध थे। एसएसपी बदायूं सौमित्र यादव ने सिपाही दयाल सिंह, अर्जुन सिंह, नरेंद्र सिंह को लापरवाही बरतने के मामले में सस्पेंड कर दिया, साथ ही जांच सीओ लाइन बदायूं को सौंप दी है।
इधर, घटना की जानकारी लगते ही जेल में बंदी फिर से भूख-हड़ताल पर चले गए। यह देख प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। सूत्रों के अनुसार पुलिस की लापरवाही को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। सुबह जब उन्हें नाश्ते में चना दिए गए तो उन्होंने नहीं खाए और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जानकारी पर एसडीएम अजीत कुमार सिंह जेल पहुंचे। प्रशासन की मानें तो बंदियों ने बंदी की मौत के चलते खाना नहीं खाया था, मगर बाद में खिलवा दिया गया। बदायूं पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अर्जुन सिंह ने रोडवेज चालक के विरुद्ध लापरवाही से बस चलाकर पंकज को टक्कर मारने, इलाज के दौरान मौत हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बुधवार सायं जेल में निरुद्ध बंदी अब्दुल नवी की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से आगरा रेफर कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसार बंदी के चेस्ट में दर्द था।
बंदियाें ने कोई भूख हड़ताल नहीं की। केवल बंदी की मौत पर शोक जताते हुए खाना नहीं खाया था। बाद में समझाने पर सभी ने खाना खा लिया। कोई भूख हड़ताल नहीं है।
-निधि केसरवानी, जिलाधिकारी एटा।
मामले की होगी मजिस्ट्रीयल जांच
एटा। बंदी पंकज की मौत को लेकर मजिस्ट्रीयल जांच बैठाई गई है। मजिस्ट्रीयल जांच अधिकारी/अपर उपजिला मजिस्ट्रेट प्रथम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि बंदी की मौत की जांच की जा रही है। सभी संबंधित लोग 15 दिन तक कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में साक्ष्य, बयान एवं प्रकरण से संबंधित जानकारी प्रस्तुत कर सकतेे हैं।