एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दो लोगों को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया।
एक मामले में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार शाम करीब 7ः30 बजे साहूकार (50) निवासी एका को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। भांजे चंद्रशेखर ने बताया कि उन्हें काफी खांसी हो रही थी। साथ ही शरीर में दर्द था। चाचा को लेकर वह पास के नगला डंबर गांव में झोलाछाप के यहां दवा लेने पहुंचे। वहां चिकित्सक ने उन्हें मीकासिन का इंजेक्शन लगा दिया। जिसके बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे अफसर अली (47) निवासी नगला पोता को परिजन लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। बेटा सोहिल ने बताया कि पिता को कई दिनों से गले में कैंसर था। उनका निजी उपचार चल रहा था। दोपहर के वक्त वह पेशाब करने के लिए घर से बाहर निकले तभी उनका पैर फिसल गया। इससे उनकी ब्लीडिंग होने लगी। इसके बाद इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।