धर्म जागरण मंच के पश्चिमी उप्र प्रभारी राजेश्वर सिंह ने कहा कि क्रिसमस पर अलीगढ़ में होने वाले कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन अगला कार्यक्रम अलीगढ़ में ही होगा और उसके बाद फिर कहीं और कार्यक्रम किए जाएंगे। अलीगढ़ के कार्यक्रम को तुष्टिकरण नीति के तहत रोका गया है।
वह बुधवार की देर शाम एटा में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि आजादी के समय लंदन में पारित किए इंडियन इंडिपेंडेंट एक्ट साफ कहा गया था कि भारत हिंदुओं का देश है। नंदकिशोर वाल्मीकि की गिरफ्तारी पर कहा कि वह वाल्मीकि ईसाई परियोजना के प्रांत संयोजक हैं और मंच के कार्यकर्ता। उनकी गिरफ्तारी गलत हुई है।
आगरा में धर्मवापसी के लिए पीछे कोई लालच या दबाव नहीं था। जिन लोगों की घर वापसी कराई थी उनके शपथ पत्र व प्रार्थना पत्र संगठन के पास मौजूद हैं। सभी दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन ने दबाव बनाकर उनके बयान बदलवा दिए। इसकी जांच होनी चाहिए। हम जो भी काम कर रहे हैं, वह कानून के दायरे में रहकर कर रहे हैं। अब तक तीन लाख से ज्यादा लोगों की हिंदू धर्म में घर वापसी करा चुके हैं। एटा, फीरोजबाद, मैनपुरी, हाथरस, शहाजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं, कासगंज, फर्रुखाबाद सहित अन्य जिलों में कार्यक्रम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 23 दिसंबर 2026 तक स्वामी श्रद्धानंद के रुके हुए कामों को पूरा करेंगे।