सन् 1971 के युद्ध में विजय हासिल करने वाले पूर्व सैनिकों को आज उन्हें अपने ही भुला चुके हैं। विजय दिवस को लेकर प्रशासन भी बेखबर है। पूर्व सैनिकों ने वर्तमान में अनदेखी पर रोष जताया है।
सीमा पर तैनात होकर देश की रक्षा करने वाले सैनिकों को आज अपनों की बेरुखी का सामना करना पड़ रहा है। कोई भ्रष्टाचार, तो कोई पुलिस द्वारा की जा रही अनसुनी की कहानी बयां कर रहे हैं। 1971 की जंग के हीरो, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट गंगा सिंह आर्य का कहना है कि वर्तमान में व्याप्त भ्रष्टाचार के आगे सैनिक बेबस हैं। उनका ही नहीं, कई सैनिक ऐसे हैं जिनका शोषण हो रहा है। जमीन के विवाद में पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की, डीएम से शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गौरव सेनानी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय सिंह यादव ने बताया कि 1971 का युद्ध लड़ने वाले जवानों को शासन-प्रशासन भुला चुका है। युद्ध में शामिल हुए पूर्व सैनिक दशरथ सिंह का कहना है कि वर्तमान में केंद्र, राज्य सरकार पूर्व सैनिकों की अनदेखी कर रही हैं। देश के खातिर जी जान लगाने वाले ऐसे सैनिकों को आज अपनों की बेरुखी का सामना करना पड़ रहा है।