निर्माण में गोलमाल किया गया है। डेढ़ साल में ही बनी हुई सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है। शासन के निर्देश पर शनिवार को इन सड़कों का एसडीएम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण में गुणवत्ता की कमी पाई गई।
नगर पालिका ने डेढ़ वर्ष पूर्व 7.5 करोड़ की लागत से सड़कें बनवाई गई। इन सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर निर्माण के समय से ही सवाल उठाए जाने लगे। लोगों ने पालिका से ठेकेदारों की शिकायतें भी की, लेकिन पालिका ने इन शिकायतों को नजर अंदाज कर दिया। पालिका के ही एक सभासद ने सड़कों में गुणवत्ता की कमी की शिकायत शासन को भेज दी। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। मामले की जांच कराने को जिलाधिकारी को निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने उपजिलाधिकारी संजीव कुमार को सड़कों की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी। डीएम के निर्देश पर वे सड़कों के निरीक्षण को पहुंचे। एसडीएम ने नावल्टी रोड इंटर लांकिंग, तहसील रोड इंटर लाकिंग, ,अशोक नगर इंटर लाकिंग, लवकुश नगर व गंगेश्वर कॉलोनी क्षेत्र में बनी कई सड़कों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़कों की स्थिति को देखकर वे दंग रह गए। डेढ़ साल में ही सड़कों के जगह-जगह से उखड़ने का मामला सामने आया। उन्होंने पालिका के एकाउंटेंट को बुलाकर सड़कों के संबंध में जानकारी ली। सड़कों की लागत, भुगतान आदि की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
सड़कों के निर्माण में मानकों को पूरी तरह से नजर अंदाज किया गया है। सड़कें काफी खराब बनाई गई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इस मामले में जिलाधिकारी के स्तर से ही कार्रवाई की जाएगी।- संजय सिंह एसडीएम