एटा। करवाचौथ का व्रत बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इस बार रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति के कारण चंद्र पूजन का विशेष महत्व रहेगा। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखेंगी। शाम को विधि-विधान से करवा माता की पूजा-अर्चना करने के बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी।
आचार्य गिरजेश पचौरी व आचार्य पंडित राजीव लोचन पाराशर करवा चौथ पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। भद्रा 28 अक्तूबर की सुबह 5:31 बजे शुरू होकर 29 अक्तूबर की सुबह 4:27 बजे समाप्त हो जाएगी। ऐसे में करवाचौथ के दिन सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी। इससे सरगी, दिनभर के व्रत और शाम की पूजा में भद्रा बाधक नहीं बनेगी।
करवाचौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। वहीं चंद्रोदय रात करीब 8:17 बजे होने का अनुमान है। महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देंगी और पति की लंबी आयु की कामना करेंगी। पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह रहेगा।