बुधवार की रात्रि को हल्की बूंदा बांदी के बाद गुरुवार को पूरे दिन झमाझम हुई। पारा लुढ़क कर 27 डिग्री तक रह गया। जिससे उमस भरी गरमी से लोगों को राहत मिल गई। लोगों के चेहरे बारिश की फुहारों के बीच खिल उठे। लोगों ने मौसम की पहली बारिश का जमकर लुत्फ लिया।
गुरुवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। पूरे दिन मेघ रूक-रूक कर बरसे। बारिश ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह से बदल दिया। तापमान 46 डिग्री से लुढ़क कर 27 डिग्री तक रह गया। पारे की इस गिरावट का असर मौसम के मिजाज पर पड़ा। गर्मी से लोगों को पूरी तरह से राहत मिल गई। लोगों के चेहरे खिल उठे। घरों की छतों पर लोग चढ़ गए। काफी देर तक उन्होंने बारिश में भीगकर भरपूर आनंद लिया। युवा घरों से निकल कर बाइक पर सवार होकर सड़कों पर फर्राटा भरते देखे गए।
पहली बारिश से खुली पालिका की कलई
- जगह-जगह जलभराव से लोगों को हुई दिक्कतें
- गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हुए लोग
अमर उजाला ब्यूरो
कासगंज। मौसम की पहली बारिश ने ही नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की कलई खोल दी। जगह-जगह जलभराव हो जाने से लोगों को दिक्कतें हो गईं।
मानसून के मौसम को देखते हुए भी नगर पालिका ने नाले नालियों की सफाई को गंभीरता नहीं दिखाई। अटे पड़े नाले नालियों का नतीजा यह निकला कि नगर में जलभराव के हालात हो गए। जैसे ही तेज बारिश होती गलियां गंदे पानी से लबालब हो जाती। पूरे दिन ऐसे ही हालात बने रहे। नगर की गली जाटवान, मीट मार्केट, बोहरान गली, हाथी दरबाजा, गांधी मूर्ति, रेलवे रोड, जामा मस्जिद, लवकुश नगर, गंगेसर कालोनी सहित दो दर्जन से अधिक बस्तियों में गंदा पानी भर गया। बारिश थमने पर जब लोग बाजार आते तो उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता। इस बीच गुजरने वाले वाहनों से गंदे पानी के छीटें लोगों के ऊपर आकर उनके कपड़ों को गंदा कर देते। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर पालिका अध्यक्ष रूप किशोर कुशवाह ने बताया कि कुछ नाले नालियों की सफाई कराई जा चुकी है जो नाले नालियां शेष रहे गए हैं। उनकी सफाई का कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
खरीफ की फसल को वरदान बनेगी बारिश
कासगंज। बारिश ने किसानों को सौगात दे दी है। यह बारिश खरीफ की फसल के लिए वरदान साबित होगी। अगैती फसल के लिए जहां पानी मिल गया हैं। वहीं फसल की बुवाई के लिए भी जमीन तैयार हो गई। अब बस किसान को खेत जोतकर खाद, बीज डालना है।
बारिश का इंतजार कर रहे किसान के लिए गुरुवार का दिन खुशियां लेकर आया। किसान धान की नर्सरी लगाने, मक्का, बाजारा की बुवाई करने के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। अहरोली किसान सरनदेव ने बताया कि मक्का की बुवाई के लिए बाजार से खाद बीज खरीद कर रख लिया था। बारिश का उन्हें इंतजार था।
जलभराव, विद्युतापूर्ति गड़बड़ाई
पटियाली। बुधवार की रात से हो रही बरसात से लोगों को गर्मी की तपिश से राहत मिली, लेकिन फाल्टों और शट डाउन के चलते विद्युत की आपूर्ति गड़बड़ा गई। विद्युत की आपूर्ति न मिलने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा। बार बार ट्रिपिंग से रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल सकी। उधर जगह-जगह जलभराव से लोगों को परेशानी भी हुई।