रेल-विस्तार, भूमि अधिग्रहण के विरोध में बुधवार को दो किसान गुट भाकियू (भानु) और भाकियू एक मंच पर आ गए। रेलवे स्टेशन का घेराव कर लिया। बाद में ट्रेन को रोक दिया। करीब एक घंटे तक ट्रेन को किसान रोके रहे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर, सीओ सिटी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर किसान ट्रैक से हटे। मगर देर सायं तक स्टेशन पर ही डटे रहे। बाद में रेल विस्तार को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
रेल-विस्तार को लेकर किसानों, अन्य दलों की लड़ाई बढ़ती जा रही है। हर हाल में रेल-विस्तार पर अड़े किसानों ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे रेलवे स्टेशन का घेराव किया। कई घंटों तक किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांग पर अड़े रहे। दोपहर बाद करीब तीन बजे किसानों की बैठक हुई। इसमें ट्रेन रोकने का निर्णय लिया गया। करीब सायं चार बजे किसानों ने एटा-टूंडला जाने वाली ट्रेन रोक दी। करीब एक घंटे तक किसानों ने ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया। जानकारी पर पहुंचे एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह, सीओ सिटी करन सिंह ने समझा-बुझाकर हटाया। रेल-विस्तार, भूमि अधिग्रहण की बात शासन को अवगत कराने की बात कहीं। तब कहीं जाकर किसान ट्रैक से हटे। देरसायं प्रशासन की शासन से वार्ता चल रही थी। वहीं किसान रेलवे स्टेशन पर ही डटे थे। बाद में सौंपे गए ज्ञापन में एटा-कासगंज रेल-लाइन जोड़ी जाए, एटा-मलावन प्रस्तावित लाइन को मैनपुरी तक जोड़ा जाए, एटा-टूंडला रेल को आगरा तक चलाया जाए, भूमि अधिग्रहण बिल को तत्काल रद्द किया जाए आदि मांगें की गईं। इस दौरान प्रदेश सचिव अखिल यादव, रमेश चंद्र, महेंद्र सिंह, गीतम सिंह, मुन्नालाल, फौजदार सिंह, शिशुपाल सिंह, हाकिम सिंह, प्रेमसिंह वर्मा, तेज सिंह वर्मा, कालीचरन वर्मा, भीषमपाल सिंह, अशोक कुशवाह, गंगाराम वर्मा, सुनील शर्मा आदि किसान मौजूद थे।
रेलवे स्टेशन पर ही बना खाना
एटा। देरसायं तक किसान रेलवे स्टेशन पर ही डटे थे। इस दौरान स्टेशन पर किसानों ने चूल्हा जलाकर खाना बनाया। एकत्रित हुए किसानों को खिलाया। किसानों का कहना था कि जब तक प्रशासन की शासन से वार्ता पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह स्टेशन पर ही डटे रहेंगे।