एटा। पानी न बरसने से खरीफ की बुवाई के लिए किसान परेशान थे। सबसे अधिक चिंता धान की खेती की थी। बारिश हुई तो सब चिंताएं हवा हो गईं और चेहरे खिल उठे। दो दिन की बारिश ने पिछले साल पूरी जुलाई की बरसात का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
बारिश के साथ ही खेतों में धान की रोपाई से लेकर मक्का आदि की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं, जो किसान पहले ही धान की रोपाई कर चुके हैं उनके लिए भी बारिश लाभदायक मानी जा रही है। किसानों को हाल-फिलहाल खेत में सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
आंकड़ों की नजर से देखें तो पिछले साल जुलाई में एटा तहसील क्षेत्र में 180 मिमी, जलेसर में 91 और अलीगंज तहसील में 134 मिमी बारिश हुई थी। जबकि इस जुलाई में अभी दो दिन ही पानी बरसा है। इसमें ही एटा तहसील में 230 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं जलेसर तहसील में 54.4 मिमी और अलीगंज तहसील में 49 मिमी बारिश हुई है।