एटा। कहने को तमाम इंतजाम किए गए, लेकिन 10 घंटे की बारिश में सब ध्वस्त हो गया और शहर फिर जलमग्न हो गया। पालिका का दावा था कि सभी नालों की सफाई कराई जा चुकी है, बारिश में समस्या नहीं होगी। वहीं सीवर प्रोजेक्ट का काम भी तय समय पर पूरा नहीं हो सका। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में कुल 96 नाले हैं। इनकी सफाई का दावा नगर पालिका द्वारा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की पोल मंगलवार को बारिश ने खोल दी। अधिकांश जगहों पर नाले-नालियां चोक होने की वजह से पानी भर गया।
उधर, शहर में जलभराव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए सीवर प्रोजेक्ट का काम शुरू कराया गया। मार्च 2020 तक इसे पूरा करना था। कोरोना काल के कारण समय बढ़ाकर मार्च 2021 कर दिया, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते जल निगम को जुर्माना भी भुगतना पड़ा। जल निगम के अधिशासी अभियंता एएस भाटी ने बताया कि काम में देरी की वजह से फेस एक में 92 लाख रुपये और फेस दो में 46 लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है।