एटा। जिला मुख्यालय से प्रयागराज के लिए कुंभ मेले में निगम की सभी 81 बसें भेजी जाएंगी। वर्कशॉप में बसों की रंगाई-पुताई के साथ ही तकनीकी कमियों को सही कराया जा रहा है। डिपो के बेड़े में निगम की 81 ही बसें हैं, इनके जाने के बाद डिपो और यात्री अनुबंधित बसों के सहारे करीब ड़ेढ़ माह तक रहेंगे। ऐसे में यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
देश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक त्रिवेणी संगम के किनारे होगा। इसके लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। कुंभ मेले में यात्रियों के आवागमन के लिए निगम की ओर से बसों का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए डिपो की 81 बसों को मेले में भेजा जाएगा। डिपो में इस समय निगम की 81 और अनुबंधित 86 बसें हैं।
इस प्रकार से जब निगम की 81 बसें प्रयागराज कुंभ मेले में चली जाएगी, तो यात्रियों को अनुबंधित बसों से ही यात्रा करनी पड़ेगी। वर्तमान में सभी बसें चलने पर भी अक्सर सीटों के लिए मारामारी रहती है। ऐसे में बसें जाने पर अनुबंधित 87 बसें किस-किस मार्ग पर चलेंगी, यह कहना मुश्किल है। यह स्पष्ट है कि कुंभ मेले के समय सहालग भी चल रहे होंगे। जिसकी वजह से यात्रियों की दिक्कतें और बढ़ेंगी।
भगवा रंग में तैयार हो रहीं बसें
कुंभ मेले के लिए जाने वाली 81 बसों का रंगरोगन किया जा रहा है। इनको भगवा रंग में रंगते हुए तकनीकी खामियां भी दूर की जा रहीं हैं। हर बस के आगे और पीछे लाल-पीली रिफ्लेक्टर पट्टी लगाई जा रही है, ताकि सर्दी के मौसम कोहरा पड़ने पर बस दूर से दिखाई दे। जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना होने से बचाई जा सके।
प्रयागराज में कुंभ मेले के लिए 81 बसें भेजी जाएंगी। इनको एक साथ नहीं भेजा जाएगा, कुछ पहले तो कुछ बसें बाद में भेजी जाएंगी। फिलहाल सभी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग कराई जा रही है। साथ ही तकनीकी कमियों को भी दूर किया जा रहा है। मेले के दौरान यात्रियों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।