एटा। परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा 24 मार्च से शुरू हो रही हैं, जो कुल 5 दिनों में करा ली जाएंगी, लेकिन उनका कोर्स अधूरा है। यूपी बोर्ड परीक्षा में शिक्षकों की ड्यूटी के कारण पढ़ाई सामान्य तरह से नहीं हो सकी। ऐसे में बच्चों को परीक्षा की तैयारी के लिए मौका नहीं मिला है।
जनपद के 1691 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.25 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। उनकी वार्षिक परीक्षाएं 24 मार्च से शुरू हो रहीं हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को एक भी दिन का समय नहीं मिलेगा। पहली पाली में सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक दूसरी पाली में दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक परीक्षा होगी।
खंड शिक्षाधिकारी 22 मार्च तक प्रश्नपत्रों का विद्यालय स्तर पर वितरण करेंगे। पहले मौखिक परीक्षाएं होंगी। अब सवाल यह है कि 5 दिन में लगातार परीक्षा होने से बच्चे तैयारी कैसे कर पाएंगे? उधर, यूपी बोर्ड परीक्षा में बेसिक के अधिकतर शिक्षकों की ड्यूटी लगे होने से बच्चे ठीक से पढ़ नहीं सके। बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद होली का अवकाश पड़ गया।
महज एक सप्ताह में बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराना शिक्षकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि परीक्षा का कार्यक्रम शासन स्तर से तय किया है। शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वह बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराएं। नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं।