जिला कारागार में सुंदरकांड का पाठ सुनते जेल अधिकारी व बंदी। संवाद
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एटा। गंगा दशहरा के अवसर पर बृहस्पतिवार को जिला कारागार में सुंदरकांड का पाठ हुआ। बंदियों के साथ बैठकर जेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुंदरकांड सुना।
कार्यक्रम का शुभारंभ जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि रामायण का सुंदरकांड हमें आदर्श जीवन जीने की कला और जीवन की कठिनाइयों से सामना करने की कला सिखाता है। इसकी सीख हर काल और समय में प्रासंगिक है। इस तरह के कार्यक्रम बंदियों में धार्मिक भावना का विकास करते हैं।
बंदी अपने क्रोध पर नियंत्रण पाता है। उन्होंने बताया कि कारागार में प्रतिदिन गायत्री मंत्र का उच्चारण भी कराया जाता है। इससे बंदियों के बीच सकारात्मक परिवर्तन दिख रहे हैं।
संचालन डिप्टी जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने किया। सुंदरकांड की समाप्ति पर प्रसाद के रूप में शर्बत वितरित किया गया। जेलर राजेश कुमार सचान, डिप्टी जेलर कमलेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।