एटा। प्रत्येक रविवार मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला पीएचसी पर होता है। इसमें जहां पहले लोग काफी संख्या में पहुंचते थे। लेकिन अब लोगों की रुचि काफी कम हो गई है। ऐसे में बेहद कम संख्या में मरीज इनमें पहुंच रहे हैं। रविवार को लगे मेलों का भी यही हाल रहा।जिले में 33 पीएचसी पर प्रत्येक रविवार को मेले का आयोजन होता है। मेले में चिकित्सक सहित फार्मासिस्ट व लैब टैक्नीशियन आदि की ड्यूटी लगाई जाती है। रविवार को मेले की अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। इस दौरान एक पीएचसी पर चिकित्सक मरीजों के इंतजार में बैठे थे। जबकि दूसरी पीएचसी पर दो कम संख्या में ही मरीज पहुंचे थे।
असरोली पीएचसी पर लगे मेले में रविवार को दोपहर 12:30 बजे तक कुल 13 मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे। यहां 3 मरीज बुखार, 3 दस्त, सर्दी से ग्रसित एक मरीज सहित बाकी 6 अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। डॉ. अर्चना पाठक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के इंतजार में बैठे थे। वहीं शहर की नगला पोता पीएचसी पर डॉ. शैलेष यादव सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मरीजों का उपचार कर रहे थे। यहां दोपहर 1 बजे तक कुल 11 मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे। तीन बुखार, दो शुगर व दो बीपी के मरीज सहित 4 अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज पहुंचे थे।
मेले का लगातार प्रचार प्रसार किया जा रहा है, जिससे मरीज मेला में पहुंच अपना उपचार करा सकें। आशाओं से कहा गया है कि लोगों को मेले के बारे में बताएं। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
दो गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर,132 मरीजों का हुआ उपचार
एटा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान 132 मरीजों का उपचार हुआ। 74 लोगों की मलेरिया की जांच हुई रिपोर्ट सभी की निगेटिव आई।
स्वास्थ्य विभाग ने गांव उमरायपुर व सकतपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। दोनों गांव में 74 बुखार के पीड़ित पहुंचे। सभी की मलेरिया की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके अलावा 6 बुखार पीड़ितों की डेंगू की जांच की गई। इसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई। सीएमओ ने बताया मलेरिया माह के दौरान गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। बीते वर्षों में जहां डेंगू व मलेरिया के मरीज आए थे। वहां शिविर लगाया जा रहा है।