एटा। जवाहर तापीय विद्युत परियोजना में काम करने वाले मजदूरों ने पिछले दिनों मजदूरी के रुपये नहीं मिलने पर काम ठप कर विरोध जताया था। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। इस पूरे मामले का संज्ञान जिलाधिकारी की ओर से लिया गया है। मजदूरी नहीं दिए जाने की वजह जानने के लिए श्रम विभाग को जांच सौंपी है।
विद्युत तापीय परियोजना में अलग-अलग कई कंपनियां मजदूरों से काम करा रही हैं। इनमें डायनामिक, पीएनसी, एनएस कंस्ट्रक्शन, त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन, शिवम कंस्ट्रक्शन आदि शामिल हैं। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें समय से मजदूरी नहीं दी जा रही है। इसकी वजह से कभी हड़ताल तो कभी हंगामा होता रहता है। पिछले दिनों भी मजदूरों को परियोजना का गेट कर कर कामकाज ठप कर दिया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर श्रमिकों को समझाया बुझाया। तब जाकर मजदूरों का काम शुरू किया था। यह मामला तूल पकड़े, इससे पहले ही जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को श्रमिकों की मजदूरी को लेकर जांच सौंपी है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी यादवेंद्र विक्रम ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से जांच दी गई है। इसके आधार पर कार्यरत कंपनियों से दस्तावेज मांगे गए हैं। कुछ कंपनियों से दस्तावेज दे भी दिए हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि श्रमिकों की मजदूरी बकाया है अथवा नहीं। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।