एटा। थाना मलावन पुलिस ने बुधवार की देर शाम एक केंटर को पकड़ा, जिसमें जानवरों की हड्डियां भरी हुई थीं। गोरक्षा दल की ओर से दी गई तहरीर के बाद बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सकों के जरिए हड्डियों की जांच कराई गई। इसमें गोवंशों की हड्डियों भी मिलीं। हालांकि बाद में कैंटर को थाने से छोड़ दिया गया।
सीओ सकीट कृष्ण मुरारी दोहरे ने बताया कि हड्डियां काफी पुरानी हैं और मरे हुए जानवरों की हैं। इन हड्डियों का जांच के बाद पता चला है कि जानवरों को काटा या मारा नहीं गया है। स्वाभाविक मौत के बाद जब जानवरों के कंकाल सूख गए, तब इनको किसी फैक्टरी में ले जाया जा रहा है।
ये हड्डियां झांसी जिले के आसपास के क्षेत्र से संभल जिले में ले जाई जा रही थीं। जांच-पड़ताल के बाद इनको छोड़ दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि जांच में 48 कंकाल गोवंश के और 202 कंकाल भैंस के पाए गए। इसके अलावा 8-10 कंकाल बकरी आदि जानवरों के थे।
भारतीय हिंदू गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर दिए जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। जांच में स्पष्ट हो गया कि 48 कंकाल गोवंश के हैं फिर भी गाड़ी को छोड़ दिया गया। यह तो पता लगाना चाहिए था कि इतनी संख्या में गोवंश के कंकाल आखिर कहां से आए।