एटा। थाना मिरहची क्षेत्र के अचलपुर अतरंजी खेड़ा टीले पर होली वाले दिन 14 मार्च को एक व्यक्ति का शव मिला। उसकी पहचान कासगंज निवासी ई-रिक्शा चालक पप्पू (65) के रूप में की गई है। पत्थर प्रहार कर आंखें फोड़कर हत्या की गई थी। कारण क्या रहा, इसकी गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी हुई है।
कांशीराम आवासीय कॉलोनी ततारपुर थाना कोतवाली कासगंज निवासी नैना ने बताया कि पिता पप्पू ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भारत-पोषण करते थे। 13 मार्च को घर से ई-रिक्शा लेकर निकले लेकिन देर शाम तक नहीं लौटे। जानकारी करने पर पता चला कि गाटर-पटिया लेकर कहीं छोड़ने गए हैं। उसके बाद काफी खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं लगा। 14 मार्च को अचलपुर अतरंजीखेड़ा के टीले पर शव मिलने की जानकारी मिली। अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पहचान न हो पाने के कारण पोस्टमार्टम पर मोर्चरी में रखवा दिया।
नैना ने बताया कि सोशल मीडिया व अन्य संचार के माध्यमों से शव का फोटो देखा और पुलिस भी फोटो लेकर घर पर पहुंची, तो पहचान करने के लिए मेडिकल कॉलेज एटा पहुंचा। यहां शव की पहचान पिता पप्पू के रूप में की। घर पर जानकारी होते ही चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने परिजन के पहुंचने पर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। नैना ने बताया कि पिता की किसी से कोई रंजिश नहीं थी, न ही कभी वह लड़ाई झगड़ा करते थे।
लगभग 25 वर्षों से हम लोग कांशीराम कॉलोनी में रह रहे हैं। 6 भाई बहनों में पप्पू दूसरे नंबर के थे। सीओ सदर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गहनता के साथ छानबीन की जा रही है। हत्या का कारण जानने और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही मामले की तह तक पहुंच कर खुलासा किया जाएगा।