एटा। जिला गंगा समिति व जिला पौध रोपण समिति की मासिक बैठक में प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और जनभागीदारी को लेकर सख्त रुख अपनाया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में काक नदी तट को हरा-भरा व स्वच्छ बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विपिन वर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सीडीओ ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि काक नदी के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में नदी जन चौपाल का आयोजन कर लोगों को नदी संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। काक नदी तट पर बड़े स्तर पर पौधरोपण को प्रभावी बनाने के लिए विभागों को समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षा विभागों को पर्यावरण संरक्षण में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से अपने-अपने अधीन न्यूनतम पांच-पांच विद्यालयों का चयन कर वन स्टूडेंट वन प्लांट व सक्सेज प्लांट अभियान के तहत विद्यार्थियों से पौधारोपण कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही पौधरोपण के लिए गड्ढा खुदान कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए सभी विभागों से कार्ययोजना वन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। वर्ष 2020-21, 2021-22 व 2022-23 में किए गए पौधरोपण स्थलों की सूची उपलब्ध कराते हुए उनके अनुश्रवण व मूल्यांकन को अनिवार्य बताया गया। बैठक में परियोजना निदेशक सुरेंद्र कुमार गुप्त, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार, जल निगम शहरी के सहायक अभियंता गौरव वर्मा, डीपीओ नमामि गंगे आर्यन गौड़, जेई प्रदूषण विभाग अभिषेक सिंह, ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता अमित वर्मा, जेई लघु सिंचाई नीरज शर्मा, एडीओ धीरज गिरी, जल निगम के वीरेश कुमार व राजेन्द्र सिंह, रेंजर जलेसर गिरजेश तिवारी, रेंजर एटा के.के. जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।