संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। जानलेवा हमला किए जाने की रिपोर्ट जैथरा थाने में करीब 14 साल पहले दर्ज कराई गई थी। अदालत में कई साल तक चली सुनवाई के बाद आरोप साबित नहीं हुए। अपर सत्र न्यायाधीश सुधा ने आरोपियों को बरी कर दिया गया।
गांव कठिंगरा निवासी शिवस्वरूप ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में लिखा था कि 27 मार्च 2011 को अपनी पुत्री की शादी के संबंध में फोटोग्राफर को बुलाकर लाए थे। साथ में भतीजा संजू उर्फ देवेंद्र भी था। गांव में घुसते ही पहले से घात लगाए बैठे रघुवीर सिंह, पतू उर्फ देवेंद्र और अनिल आ गए। इन लोगों के हाथों में लाठी, फरसे व तमंचे थे।
ये लोग ने संजू की पिटाई करते हुए घेर की ओर खींच ले गए। जान से मारने की नीयत से तमंचों से फायर किए। जिससे संजू बुरी तरह जख्मी हो गया। कई दिन इलाज के बाद वह ठीक हो सका। अदालत में सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने बयानों से पलट गए तो कुछ की गवाही में अदालत को विरोधाभास मिला। इस पर अदालत ने तीनों को दोषमुक्त कर दिया।