इलाज के रुपये न देने पर पत्नी को बंधक बनाने के मामले में बुधवार को एडीएम प्रशासन लालमणि मिश्र द्वारा गठित टीम जांच को गांधी मार्केट स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक पर पहुंची। क्लीनिक संचालक ने जवाब देने से इंकार कर दिया और बाद में लिखित जवाब देने की बात कही। इसके बाद टीम वापस लौट आई।
वहीं क्लीनिक के बाहर पंपलेट भी लगी थीं, जिस पर लिखा था यह नर्सिंग होम बंद है, आज्ञा से जिलाधिकारी एटा, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि डीएम की ओर से ऐसा कोई पंपलेट नहीं लगवाया गया है। दूसरी ओर, चिकित्सक ने भी जिलाधिकारी की शिकायत सीएम और अन्य उच्चाधिकारियों से की है।
गांव बारथर निवासी चंद्रपाल ने हाल ही में गांधी मार्केट स्थित एक क्लीनिक के चिकित्सक पर रुपये न देने पर इलाज के बाद पत्नी को बंधक बना लेने का आरोप लगाया था, बाद में पुलिस प्रशासन से शिकायत करने पर महिला को छोड़ा गया था। वहीं अन्य लोगों ने भी शिकायत की थी। शिकायत पर एडीएम प्रशासन ने एसडीएम अजीत कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह तथा एएसडीएम पीके सक्सेना की एक टीम गठित की, जो टीम बुधवार को जांच करने नर्सिंग होम पर पहुंची। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि वह जांच के लिए पहुंचे थे, मगर चिकित्सक ने कोई भी जबाव देने से इंकार कर दिया। बाद में लिखित जवाब देने की बात कही। क्लीनिक के बाहर लगे पोस्टर का मामला संज्ञान में है, मगर किसने पोस्टर लगाए हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
दूसरी ओर, डॉ. राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि डीएम ने दबाव बनाकर महिला मरीज को क्लीनिक से छुड़वाया। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों से की। इसके चलते प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है और आए दिन जांच बैठाई जा रही हैं। साथ ही नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं एडीएम प्रशासन लालमणि मिश्र का कहना है कि जो शिकायतें मिली थीं उन पर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
इस संबंध में जब जिलाधिकारी का पक्ष लेना चाहा तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। मैसेज कर भी उन्हें अवगत करा दिया गया।