तेज धूप व गर्मी से बचने के लिए छाता लगाकर मोहल्ला अरुणा नगर से गुजरते स्कूली बच्चे। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
एटा। जिले में मई महीने में ही झुलसा देने वाली गर्मी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पिछले चार दिनों से अधिकतम तापमान लगातार 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। रविवार को पारा 43 डिग्री पर पहुंचा जबकि सोमवार को तापमान बढ़कर 45 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है।
सुबह आठ बजे के बाद ही सूरज की तेज किरणें लोगों को परेशान करने लगती हैं। दोपहर होते-होते हालात असहनीय हो जाते हैं। भीषण गर्म हवाओं और उमस के चलते बाजारों, सड़कों व सार्वजनिक स्थलों पर आवाजाही बेहद कम दिख रही है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सड़कों पर लगभग सन्नाटा पसरा रहता है। खुले आसमान के नीचे काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों और किसानों पर गर्मी का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। यह लोग बार-बार पानी पीकर और छांव में रुककर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। अनुमान है कि इस अवधि में अधिकतम तापमान बढ़कर 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
सिर को ढककर ही निकलें घर से बाहर
सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में न निकलें। उनके अनुसार तेज गर्मी में जरा-सी लापरवाही से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और लू लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जरूरी कार्य होने पर ही बाहर जाएं और अपने साथ पानी अवश्य रखें। सिर को कपड़े से ढक कर निकले, हल्के सूती कपड़े पहने परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लें। इस मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
पांच दिन भीषण गर्मी के आसार
मौसम विभाग ने भी तापमान में बढ़ोतरी होने की बात कही है। मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी एसके सिंह ने बताया कि आसमान साफ होने की वजह से धूप का असर तेज हो रहा है। तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है अभी आने वाले पांच दिन लोग स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतें।