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तीन डिग्री तक गिरा पारा, ठिठुरे लोग

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पाला: फसलों पर जमी बर्फ की चादर - फोटो : Amar Ujala
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तेज शीतलहर के कहर से जिले में भीषण गलन बरकरार है। बर्फीली हवाओं के कारण दिनभर धूप भी बेअसर रही। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट बनी रही। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर दो पर पहुंच गया है। वहीं गिर रहे भीषण पाले से किसानों के होश उड़े हैं।
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ठंड का कहर नहीं थम रहा। कोहरे के नाम रहे दो दिन के बाद खुला मौसम भी गलन से राहत नहीं दे रहा। गुरुवार सुबह से चटकी धूप भी शीतलहर से बेअसर रही। बर्फीली हवाओं के कारण गलन बनी रही। इससे कमरों के भीतर हाथ-पैर सुन्न बने रहे। बढ़ी गलन के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। वहीं रात में गिर रहा भीषण पाला खेती के लिए घातक है। इससे आलू, मटर, सरसों की फसलें प्रभावित हो गई हैं। छावनी के किसान विपिन शर्मा ने बताया कि मटर, आलू और सब्जियों की फसल का सत्यानाश होना पक्का है। म्यांसूर के विदेश कुमार ने बताया कि सरसों की पैदावार ठंड की भेंट चढ़ जाएगी। अहरौली के किसान मुरारी लाल ने बताया कि आलू की फसल पूरी तरह से झुलस गई है।

अलाव, हीटर बने सहारा
गिरे तापमान में कपड़े राहत नहीं दे रहे। ऐसे में अलाव एवं रूम हीटर लोगों का सहारा बने हुए हैं। स्तरीय लोग जहां ब्लोअर, रूम हीटर के सहारे गरमी पा रहे हैं। वहीं निर्धन एवं ग्रामीण अलावों से सर्दी भगा रहे हैं।
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पालिका उदासीन, नहीं जले अलाव
कड़ाके की ठंड के बाद भी पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है। घोषणा के बाद भी शहर में कहीं भी अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। बता दें कि पालिका प्रशासन ने पूर्व में बस स्टेंड, घंटाघर, हाथी गेट एवं अलीगंज तिराहे पर अलाव जलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक यहां अलावों की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में गुरुवार की सुबह और शाम भी राहगीर ठंड से ठिठुरते, कांपते दिखे।

पाला से तंबाकू की फसल भी बर्बाद   
कड़ाके की ठंड और भीषण पाला गिरने से तंबाकू की फसल खेतों में गिर गई है। पत्तियां खराब होने से किसानों के होश उड़े हैं। राजा का रामपुर में 65 फीसदी किसानों की प्रमुख फसल तंबाकू है। दो दिन से गिर रहे पाले के कारण तंबाकू की फसल को नुकसान होने से किसान परेशान हैं। सबसे ज्यादा परेशान वे किसान है जिन्होंने उगाई और बटाई पर खेत लेकर फसल तैयार की है। किसान रामजी लाल, देशराज, लक्ष्मी नारायन, विजय सिंह, पेशकार सिंंह, रामसिंह पेशकार, आशुतोष, दिनेश, राजीव, राजकुमार, राजेश, श्रीकृष्ण, प्रेमचन्द्र ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

आलू की फसल को भी नुकसान
 पाला से फलदशा वाली फसलों के साथ सबसे ज्यादा आलू की फसल को नुकसान है। पाला से झुलसकर फसल बर्बाद हो रही है। किसानों के मुताबिक दो दिन के पाले में ही करीब 50 प्रतिशत फसल झुलस चुकी है। किसानों ने बताया कि पूर्व वर्षों में भी ओलावृष्टि एवं बेमौसम बारिश ने उन्हें तबाह किया था। अब एक बार फिर मौसम की मार उन पर पड़ी है। किसानों और  किसान संगठन के रमेश चंद्र जिलाध्यक्ष, कृष्णपाल सिंह प्रमुख महासचिव ने नुकसान का अंाकलन कराने एवं पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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