एटा। गैस चूल्हे पर रविवार को दूध उबालते समय आग की चपेट में आने से किशोरी बुरी तरह से झुलस गई। परिजन मेडिकल कॉलेज लाए, यहां उपचार चल रहा है।
कस्बा व थाना मलावन निवासी संजय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन की तरह रविवार को भी 16 वर्षीय बेटी सोना घर की रसोई में दूध उबाल रही थी। गैस चूल्हे पर लौ अधिक होने के कारण दूध बार-बार उफन रहा था। यह देखकर सोना ने गैस की गति कम करने के लिए चूल्हे के रेग्यूलेटर को दबाया तो तेज आग की लौ बालों में लग गई। चीख सुनकर हम लोग वहां पहुंचे और किसी तरह आग को बुझाया। तब तक सोना काफी झुलस चुकी थी और बेहोश हो गई। हालत बिगड़ती देख उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। वहां से चिकित्सक ने बर्न वार्ड में भर्ती करा दिया, यहां सोना का इलाज चल रहा है।
मामले को देखते हुए अग्निशमन अधिकारी केतन कुमार ने बताया कि गैस या चूल्हा जलाते समय महिलाएं सिर के बालों को बांधकर रखें और उचित दूरी बनाए रखें। अधिक ढीले कपड़े न पहनें। जलते चूल्हे के पास खड़े होकर कोई ज्वलनशील पदार्थ का प्रयोग न करें। आग लगने पर गीले कपड़े या रेत डालकर बुझाने का प्रयास करें। किसी प्रकार की लापरवाही न करें, खुद भी सुरक्षित रहें दूसरों को भी रखें।