एटा। जिले के 19 केंद्रों पर रविवार को दो पालियों में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा शासन के निर्देश पर निरस्त कर दी गई। इसमें 18 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होने थे। सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा चुका था। कुछ जगह तुरंत तो कहीं घंटेभर तक परीक्षा कराने के बाद अभ्यर्थियों को पेपर निरस्तीकरण की जानकारी दी गई। इससे एटा सहित दूसरे जिले से आए अभ्यर्थी परेशान रहे। पेपर लीक होने को लेकर उनमें गुस्सा था।
केंद्रों पर पहली पाली की परीक्षा के लिए सुबह 9 बजे से अभ्यर्थी पहुंचने लगे। कालेजों में प्रवेश देने के बाद उनको सीटिंग प्लान के साथ कक्षों में बैठा दिया गया। इसके करीब 15 मिनट बाद शासन से सूचना आईं कि परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं हैं। कई केंद्रों पर जल्द ही अभ्यर्थियों को ये जानकारी देकर वापस कर दिया गया तो शहर के अधिकांश केंद्रों पर अभ्यर्थियों को काफी देर बाद जानकारी दी गई। केंद्र व्यवस्थापकों का कहना था कि लिखित आदेश न मिलने के चलते निर्णय लेने में देरी हुई। इस दौरान करीब एक घंटे तक अभ्यर्थी परीक्षा देते रहे। वहीं किसी तरह के बवाल, हंगामे की आशंका के मद्देनजर अभ्यर्थियों को धीरे-धीरे करके दोपहर 12 बजे तक परीक्षा केंद्रों से छोड़ा गया। सकीट रोड स्थित एक विद्यालय में पूरे समय की परीक्षा करा दी गई।
----------------
मायूस होकर लौटे
टीईटी की तैयारियां में लंबे समय से जुटे अभ्यर्थी रविवार को उम्मीद के साथ परीक्षा देने पहुंचे। इनमें से कई अभ्यर्थी दूरदराज से आए थे। जो परीक्षा निरस्त होने की सूचना पर मायूस हो गए।
----------------
बोले अभ्यर्थी
पेपर की तैयारी की थी। परीक्षा शुरू हो गई और पेपर आसान लग रहा था। इसके निरस्त होने से परेशानी हुई है।
वीरेंद्र पाल, अवागढ़
----------
परीक्षा निरस्त होने से काफी परेशानी हुई है। दिन-रात परीक्षा की तैयारी की थी। अब फिर से तैयारी करनी होगी।
बंसल कुमार, एटा
----------
उम्मीद के साथ परीक्षा देने आए थे। पेपर हाथ में लेने के बाद ऐसा लग रहा था कि हमने परीक्षा पास कर ली है।
राकेश कुमार, सकीट
-----------
परीक्षा की चिंता में रातभर पढ़ाई की। सुबह इबादत कर केंद्र पर पहुंची। परीक्षा निरस्त होने से आंसू निकल आए।
तरन्नुम, अलीगंज
-----------
ठीक 10 बजे परीक्षा शुरू हो गई थी, पूरा पेपर कर लिया। 11.50 बजे पेपर के निरस्त होने की सूचना दी गई।
- नैना यादव, पुलिस लाइन
-------------
पेपर मिला ही था कि इसे वापस ले लिया। इतनी दूर से आने-जाने में समय बर्बाद हुआ व परेशानी उठानी पड़ी।
- कुलदीप, एका
----------------
शासन स्तर से जैसे ही परीक्षा निरस्त किए जाने की सूचना मिली, संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे दी गई। कहीं देर तक अभ्यर्थियों को रोका गया या परीक्षा कराई गई तो यह लापरवाही है।
- सुनील कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी