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आयकर दायरा न बढ़ने से मायूस हुए करदाता

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एटा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2022-23 पेश किया। इस बजट में आयकरदाताओं को कोई रियायत न मिलने से वह निराश नजर आ रहे हैं। खासतौर से कर्मचारी वर्ग बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठा था, लेकिन न तो आयकर स्लैब्स बदली गई और न ही कोई बड़ी छूट दी गई है।
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करदाताओं को बड़ी राहत के तौर पर दो साल में अपने रिटर्न को अपडेट करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी नेशनल पेंशन स्कीम में योगदान पर 14 फीसदी कर छूट देने का प्रावधान किया गया है।
बोले, करदाता
आयकरदाताओं को इस बजट से कोई फायदा नहीं हुआ है। कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ है। तमाम मांगे और उम्मीदों के बावजूद भी सरकार ने कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया। - सिद्धार्थ मिश्रा, शिक्षक
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बजट भाषण शुरू हुआ तो लगा कि इस बार बजट में कर्मचारियों के लिए भी कुछ खास होगा। भाषण समाप्त हो गया और कर्मचारियों को कोई राहत भरी खबर नहीं मिली। इससे मायूस हैं। - अग्रिम जैन, एड.
आम बजट से कर्मचारियों को कोई राहत नहीं मिली। हालांकि चुनावी दौर में आए बजट से काफी उम्मीदें थी कि आयकरदातों को कुछ रियायत मिलेगी, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। - रमेश चंद्र, स्वास्थ्य विभाग
आम बजट सिर्फ बड़े-बड़े उद्योगपतियों के लिए ठीक रहा। कर जमा करने वाले मध्यम आय के लोगों की बचत बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं। इससे हम लोग निराश हैं। - राकेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग
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