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Etah News: व्यवस्था न दूर कर सकी व्यवधान, शिक्षकों से मिल रहा पढ़ाई का वरदान

Sat, 22 Jun 2024 11:43 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। सरकारी दावे और बातें तो बहुत हुईं, लेकिन तमाम परिवारों से अशिक्षा का ग्रहण आज तक दूर नहीं हो सका। तमाम व्यवधानों को सरकारी व्यवस्था दूर न कर सकी। ऐसे में कुछ शिक्षक आगे आए और झोपड़ पट्टी में पाठशाला बनाई। इसमें उन बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जा रहा है, जो अपनी मजबूरियों के चलते सरकारी विद्यालयों में नहीं पहुंच पाते। विषम हालातों से तमाम ऐसे बच्चे जूझ रहे जिनके कंधों पर अपना और परिवार का खर्च उठाने का बोझ है। ऐसा नहीं है कि इनमें पढ़ने की ललक नहीं, लेकिन न तो समय है और न संसाधन जिनसे गुजर-बसर हो सके। यूं तो सरकारी विद्यालयों में सब कुछ मुफ्त है, लेकिन नियमों की बंदिश भी बहुत हैं। समय का पालन करना जरूरी है। जो ये बच्चे नहीं कर पाते और शुरू से ही शिक्षा से अछूते रह जाते हैं।
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ऐसे ही बच्चों के लिए सकीट रोड पर शिक्षक हरेंद्र कुमार, गुलशन कुमार और योगेश कुमार मिलकर विद्यालय संचालित कर रहे हैं। जिसकी व्यवस्थाएं रोटरी क्लब के सनी जैन जुटा रहे हैं। पाठशाला के निर्माण से लेकर बच्चों के लिए कॉपी-किताब, पेंसिल-रबर उपलब्ध कराई जाती हैं। सप्ताह में एक दिन अच्छे भोजन का लुत्फ उठाने का मौका भी दिया जाता है।
करीब तीन महीने पहले 20 बच्चों से हुई शुरुआत के बाद वर्तमान में यहां 80 बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इनमें छह साल के बच्चों से लेकर 15 साल तक के किशोर भी हैं। ये ऐसे किशोर हैं जिन्होंने इतनी उम्र बाद भी न तो कभी स्कूल देखा और न ककहरा या गिनती जानते हैं। इन सबको यहां बेसिक ज्ञान दिया जा रहा है। अक्षर ज्ञान, अल्फाबेट, ककहरा, गिनती सिखाई जा रही है। तीन महीने में अब वह शब्द संयोजन तक पहुंच गए हैं।
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प्ले ग्रुप के तौर पर बच्चों को कर रहे तैयार
शिक्षक हरेंद्र बताते हैं कि निजी रूप से तमाम प्ले ग्रुप चलते हैं। जहां छोटे बच्चों को स्कूल जाने से पहले एक माहौल दिया जाता है। हमारी भी यही कोशिश है कि बच्चों को माहौल दिया जाए। जिससे उनमें स्कूल जाने की ललक हो। हम पढ़ा सकते हैं, लेकिन प्रमाणिक शिक्षा उन्हें स्कूल से ही मिलनी है। कई बच्चे ऐसे हैं जिन्हें पढ़ाई के नाम से डर लगता था। इसलिए वह स्कूल नहीं जाना चाहते थे। यहां आकर उनका डर खत्म हुआ है। अब उनमें स्कूल जाने के इच्छुक हैं।
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