तेज धूप व गर्मी से पेरशान मरीजों के तीमारदार ओपीडी के बाहर कूलर की हवा लेकर राहत पाते। संवाद
एटा। जिले में उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। तेज धूप व हवा में नमी की अधिकता के कारण दिनभर लोगों को भारी असहजता का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही पसीना आने का सिलसिला शुरू हो जाता है जबकि दोपहर के समय उमस का असर व अधिक बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम दिखाई दे रहे हैं।
शनिवार को अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 30.3 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही वातावरण में चिपचिपाहट महसूस की गई। धूप तेज होने के साथ ही उमस का प्रभाव भी बढ़ता गया। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को गर्मी और उमस के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही भी अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। लोगों का कहना है कि इस समय गर्मी का असर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक महसूस हो रहा है।
पंखे और कूलर भी उमस के कारण अपेक्षित राहत नहीं दे पा रहे हैं। दिनभर बार-बार पसीना आने से लोगों को थकान और बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मौसम का मिला-जुला स्वरूप बना हुआ है। आसमान में कभी हल्के बादल छा जाते हैं तो कभी तेज धूप निकल आती है। यही स्थिति वातावरण में नमी बढ़ाने के साथ उमस को भी बढ़ा रही है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि हवा में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बारिश के कोई मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उमस से राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने बताया कि रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है जिससे लोगों को रात के समय भी गर्मी और बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। उमस भरे मौसम में लापरवाही बरतने से लू लगने व डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल जिले के लोगों को अगले कुछ दिनों तक उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।