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स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार भी शहर रह गया फिसड्डी

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आगरा रोड स्थित सार्वजनिक शौचालय- संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में एटा नगर पालिका की हालात बहुत ही दयनीय है। अफसरों के कागजी घोड़े धरातल पर नहीं दौड़ पाए, नतीजा टीम को जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले तो शौचालय गंदगी से अटे पड़े थे। न हाथ धोने के लिए वॉशबेसिन था न साबुन। डस्टबिन तो जैसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। टीम के सर्वे से स्थिति साफ प्रदर्शित हो रही है कि अपनी पालिका टॉप-100 में भी आई तो बहुत बड़ी बात होगी।
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केंद्र सरकार से आई स्वच्छ सर्वेक्षण टीम ने तीन दिन तक शहर क ी साफ-सफाई परखी। टीम को शहर में कई जगह गंदगी के ढेर पड़े मिले। शौचालयों में डस्टबिन तक नहीं रखे गए। सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब मिली। सड़कों पर चारों ओर धूल और मिट्टी के गुबार उड़ते नजर आए। शौचालयों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब मिली। टीम ने बताया कि नगर पालिका के सामने शिकोहाबाद रोड पर ही काफी गंदगी पड़ी हुई है।
यहां तक लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में वॉल पेटिंग भी नहीं की है। कुल मिलाकर शहर की साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। टीम अपनी रिपोर्ट ले गई है, इसे रैकिंग के हिसाब से जारी किया जाएगा।
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ड्रेस में नहीं मिले सफाई कर्मचारी
स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ शौचालय बंद पड़े मिले। जो शौचालय खुले हुए मिले उनके कर्मचारी ड्रेस में नहीं थे। यहां तक कर्मचारियों के पास नगर पालिका का की कोई आईडी भी नहीं थी।
सड़कें मिलीं टूटी
सर्वेक्षण के दौरान टीम को शहर की सड़कें टूटी हुई मिलीं। साथ ही सड़कों पर धूल के गुबार उड़ते हुए मिले। सड़क के बीच में बने डिवाइडर के सहारे धूल के ढेर लगे मिले। इनकी देखकर लगा जैसे वर्षों से सफाई नहीं की गई है।
पोस्टर व वॉल पेटिंग के नाम पर इतिश्री
सर्वेक्षण टीम के अधिकारी सुमित दुबे ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए किसी भी तरह की शहर में वॉल पेंटिंग और कोई पोस्टर भी नहीं लगाए गए हैं। एक दो पोस्टर लगे हैं वह भी पिछले साल के हैं।
खाद में बनाने के लिए नहीं किया जागरूक
स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने घर-घर जागकर लोगों से फीडबैक लिया। साथ ही घर में खाद बनाने के बारे में पूछा तो पता चला कि यहां किसी भी तरह की खाद बनाने के लिए पालिका ने किसी को जागरूक नहीं किया है।
प्लांट नहीं हो सके चालू
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेेंट के तहत विरामपुर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का मानपुर में निर्माण कराया जा रहा है। दोनों ही प्लांट अभी तक बनकर तैयार नहीं हुए हैं। इन दोनों प्लांटों के आरंभ न हो पाने के नंबर भी रैकिंग में कट जाएंगे।
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स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान शहर की स्थिति ठीक नहीं मिली। हर जगह सड़कों पर धूल मिट्टी उड़ रही थी। शौचालय में डस्टबिन तक नहीं थे।
- सुमित दुबे, जांच अधिकारी, स्वच्छता सर्वेक्षण।
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