एसआई जांच करने के लिए प्रदीप के घर गए तो बहनों का रोता देखकर वह दिल पिघल गए। पहले राखी पर्व पर उन्होंने बहनों को ढांढस बंधाया। भाई बनकर राखी बंधवाई। जिंदगी भर भाई का फर्ज निभाने का वादा किया। उन्होंने उपहार में धोती व कपड़े और मिठाई दी।
एसआई सत्यराम ने बताया कि पुलिस की नौकरी में रहते हुए अब तक निराश्रित, गरीब, परेशान और पीड़ितों की मदद में 38 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं। इन छह बहनों को भी अपना बनाया है। सोमवार को रखी बंधवाई है। जिन छह बहनों का इकलौता भाई दुनिया से चला गया, उनको बिलखता नहीं देखा गया। भाई होने का फर्ज निभाया है।