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Etah News: तेज हवा और बारिश से फसलों को नुकसान, किसान परेशान

Mon, 16 Mar 2026 12:04 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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शहर के जीटी रोड पर होती बूंदाबांदी के बीच गुजरते लोग। संवाद
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एटा। रविवार को माैसम ने अचानक करवट बदली। तड़के बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया। दिन में भी रुक-रुक कर बारिश हुई। इसके साथ तेज हवा चलने से गर्मी दूर हो गई। बारिश और हवा ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम की इस अचानक मार ने खेतों में खड़ी पकती फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों व कस्बों में किसान सुबह खेतों पर पहुंचे तो बिछी और दब चुकी फसलों को देखकर मायूस हो उठे। सबसे अधिक असर गेहूं, सरसों व तंबाकू की फसलों पर देखने को मिला है।
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अधिकतर किसानों ने बताया कि रातभर चली तेज हवा ने गेहूं की खड़ी फसल को पूरी तरह बिछा दिया है। यह समय गेहूं में दाने भरने का होता है। फसल के गिर जाने से दाना पतला होने की सीधी आशंका बढ़ गई है। किसान अनुमान लगा रहे हैं कि यदि अगले दो–तीन दिन मौसम में सुधार नहीं हुआ तो उपज 40 से 50 प्रतिशत तक घट सकती है। कई स्थानों पर खेत पानी से भरा हैं जिससे कटाई भी विलंबित होने की संभावना है।
सरसों की फसल पर भी मौसम की मार कम नहीं पड़ी है। गांवों में कई किसानों ने सरसों की कटाई कर खेतों में ढेर बनाकर रखा था। देर रात की बारिश से यह कटी पड़ी सरसों पूरी तरह भीग गई जिससे दाना काला पड़ने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं जिन खेतों में सरसों की कटाई अभी बाकी थी, वहां भी हवा की तेज रफ्तार ने फसल को झुका दिया है। किसान इसका नुकसान भी काफी बड़ा मान रहे हैं।
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तंबाकू की पत्तियों पर सबसे ज्यादा असर
राजा का रामपुर। कस्बे में तंबाकू किसानों की हालत और भी खराब है। किसानों का कहना है कि जिन तंबाकू की पत्तियों को सुखाने के लिए रखा गया था वे बारिश से भीगकर खराब हो गई हैं। भीगने के बाद पत्तों का रंग बदलने लगता है जिससे बाजार में उनकी कीमत आधी रह जाने की आशंका है।
खेतों में खड़ी तंबाकू की फसल पर भी हवा और नमी का गहरा प्रभाव पड़ा है। कृषि जानकारों के अनुसार इस मौसम से करीब 25-30 प्रतिशत तक पैदावार घट सकती है। सुबह से ही गांवों में खेतों की तरफ किसानों की भीड़ लगी रही। किसानों ने बताया कि वे बुआई, खाद व सिंचाई में पहले ही पर्याप्त खर्च कर चुके हैं। ऐसे में फसल का नुकसान सीधा आर्थिक संकट को जन्म देगा।
कुछ किसानों ने कहा कि लगातार दो-तीन दिन भी मौसम खराब रहा तो उनकी पूरी साल की मेहनत पर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखने को मिला। उनका कहना है कि फसलों का नुकसान इतना अधिक है कि सरकारी राहत और मुआवजा मिले बिना स्थिति संभालना मुश्किल है। गांव के किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने व उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा जैसे हालात में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर किसानों को राहत देनी चाहिए ताकि कृषि पर निर्भर परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके।
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अवागढ़ में रातभर गुल रही बिजली
अवागढ़। देर रात करीब तीन बजे से चली तेज हवा व बारिश ने ठंडक बढ़ा दी जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं कई इलाकों में पेड़ व टहनियां टूटकर सड़कों व बिजली लाइनों पर गिर पड़ीं। इसके कारण कस्बे में रात से ही बिजली आपूर्ति बाधित रही जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तेज हवा के झोंकों से बिजली की तार क्षतिग्रस्त होने के कारण कई स्थानों पर सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न आने से लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और पानी की आपूर्ति बाधित है। रविवार सुबह से ही उपभोक्ता बिजली विभाग के अधिकारियों से सप्लाई बहाल करने की मांग कर रहे हैं। बदले मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि खड़ी फसलों पर तेज हवा व बारिश का प्रतिकूल असर पड़ सकता है जिससे नुकसान की आशंका बनी हुई है। खेतों में तैयार खड़ी फसलों के गिरने की संभावना से किसान परेशान दिखाई दिए। वहीं कस्बे के लोगों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

शहर के जीटी रोड पर होती बूंदाबांदी के बीच गुजरते लोग। संवाद

शहर के जीटी रोड पर होती बूंदाबांदी के बीच गुजरते लोग। संवाद

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