केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने तीर्थ नगरी को बड़ी सौगात दी है। इस ऐतिहासिक नगरी को आध्यात्मिक परिपथ में शामिल कर लिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अब तीर्थ नगरी के समुचित विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन प्लान योजना के अंतर्गत 13 थीम पर आधारित परिपथ की पहचान की है। इस परिपथ में तीर्थ नगरी को शामिल कराने के लिए गत वर्ष परिवहन राज्य मंत्री मानपाल सिंह की पहल पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी और केंद्रीय पर्यटन विभाग की टीम ने सोरों के मंदिरों, हरिपदी गंगा व ऐतिहासिक मंदिरों का सर्वेक्षण कर ब्लू प्रिंट तैयार किया था, जिसमें बटुकनाथ मंदिर के बायीं ओर आध्यात्मिक सर्किट विकसित करने, सोरों-लहरा मार्ग पर स्थित प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार करने, हरिपदी गंगा का सौंदर्यीकरण, सूकरक्षेत्र का पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग विकसित करने तथा मार्ग में स्थित मंदिरों का कायाकल्प करने के प्रस्ताव शामिल था। परिवहन राज्य मंत्री ने 15 दिसंबर को प्रदेश सरकार की संस्तुति कराकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने परिवहन राज्य मंत्री को पत्र भेजकर परियोजना के स्वीकृत करने की जानकारी दी। इसके लिए शीघ्र ही बजट जारी कर दिया जाएगा। आध्यात्मिक सर्किट विकसित होने के बाद केंद्र सरकार पर्यटन के नक्शे पर लाकर तीर्थ नगरी का प्रचार करेगी, जिससे यहां पर पर्यटन उद्योग भी फलेगा फूलेगा।
तीर्थ नगरी को आध्यात्मिक परिपथ में शामिल करने से इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा, जिससे यहां के निवासियों को भी काफी लाभ मिलेगा।
अर्चना पप्पू यादव, नगर पालिका अध्यक्ष
केंद्र सरकार ने तीर्थ नगरी के निवासियों को बड़ी सौगात दी है। इससे इस नगरी का कायाकल्प हो जाएगा।
-डा. राधाकृष्ण दीक्षित
तीर्थ नगरी को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए काफी समय से लोग आस बांधे बैठे थे। केंद्र सरकार ने उनको बड़ा तोहफा दिया है।
रामेश्वर दयाल महेरे
परिवहन राज्य मंत्री की पहल पर तीर्थ नगरी को केंद्र सरकार ने आध्यात्मिक परिपथ में शामिल करके सराहनीय कार्य किया है।
-भूपेश शर्मा