जिले में सोमवार को विधान परिषद चुनाव के नामांकन का अंतिम दिन था। भाजपा, बसपा, कांग्रेस से किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। सपा के ही दोनों प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया। अरविंद यादव और ठा. उदयवीर सिंह निर्विरोध एमएलसी के लिए निर्वाचित होने पर समर्थकों ने जश्न मनाया।
12 नवंबर को सपा के एमएलसी प्रत्याशी अरविंद प्रताप यादव और उदयवीर सिंह ने कलक्ट्रेट पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव कयास लगाए जा रहे थे कि एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी नामांकन करेंगे। लेकिन, नामांकन के अंतिम दिन तक किसी पार्टी का प्रत्याशी नहीं पहुंचा। सपा प्रत्याशियों की जीत के बाद सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। निर्विरोध निर्वाचन तय होने पर दोनों प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पर पहुंचे गए और पार्टी के कार्यकर्ताओं को धन्यवाद किया। सपा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में फूल मालाओं से स्वागत किया।
नामांकन के बाद पार्टी ने शुरू की जासूसी
12 नवंबर को सपा प्रत्याशियों की ओर से नामांकन करने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में डेरा डाल रखा था। स्थानीय प्राधकारी क्षेत्र से कोई दूसरे दल के प्रत्याशी की ओर से नामांकन न हो इसके लिए सपा समर्थक और कार्यकर्ता सुबह से कलक्ट्रेट परिसर में नजरें गड़ाए बैठे थे। दो बजे जिला पंचायत अध्यक्ष जोगेंद्र यादव कलक्ट्रेट पहुंचे और दोनों प्रत्याशियों को निर्विरोध जीत की मुबारकबाद फोन पर देकर कलक्ट्रेट बुलाया।
24 साल बाद एटा से छिनी विधानपरिषद सीट
एटा, मथुरा, मैनपुरी विधानपरिषद सीट 24 साल बाद जिले के हाथ से निकलकर मैनपुरी में चली गई। सीट पर 1992 से दो में से एक एमएलसी एटा जिले का रहा है। लेकिन इस बार ठाकुर उदयवीर सिंह और अरविंद प्रताप यादव निर्विरोध चुने जाने के कारण विधान परिषद सीट मैनपुरी जिले में चली गई है। 1992 में एटा, मैनपुरी, मथुरा सीट से एटा के रमेश यादव और मैनपुरी के ठाकुर सतीश, 1998 में अलीगंज के अवधपाल और जलेसर के प्रतेंद्रपाल सिंह, 2004 में एटा के सुधाकर वर्मा और मैनपुरी के, 2009 से अभी तक एटा के चंद्रपाल और मथुरा के लेखराज सिंह एमएलसी रहे हैं।
पुलिस प्रशासन करता रहा इंतजार
नामांकन का सोमवार को आखिरी दिन था। इसके चलते कलक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा चौबंद थी। डीएम कार्यालय में कर्मचारी प्रत्याशियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन दो बजे तक जब कोई प्रत्याशी नामांकन करने नहीं आया तो पुलिस- प्रशासन ने राहत की सांस ली।