सोमवार को सोमवती अमावस्या के मौके पर गंगा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण पुलिस और प्रशासन ने गंगा में सुरक्षित क्षेत्र चिह्नित कर दिया है और श्रद्धालुओं से इनसे आगे जाकर न नहाने की अपील की है।
गौरतलब हो कि पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हुई है, जिसके चलते पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने गंगा में सुरक्षित क्षेत्र चिह्नित कर बल्लियां गाड़ कर लाल झंडी लगा दी हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से इन बल्लियों से आगे न जाने की अपील की है। इसके अलावा गंगा घाट पर प्राइवेट गोताखोरों और पीएससी की गोताखोर टीम भी तैनात की गई है। रविवार को गंगा घाटों का पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने जायजा लिया।
कासगंज(ब्यूरो)। सोमवती अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर श्रद्धालु एक दिन पहले ही गंगा घाटों पर पहुंचने शुरू हो गये हैं और घाटों पर बनी धर्मशालाओं व साधुओं के आश्रम में डेरा जमा लिया।
कासगंज( ब्यूरो)। गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के दौरान नाव से सैरसपाटा खतरनाक हो सकता है। इसलिए प्रशासन ने गंगा में नौका विहार न करने की अपील की है। बावजूद इसके नाविकों ने श्रद्धालुओं को गंगा में नौका विहार कराने की पूरी तैयारी कर ली है।
कासगंज(ब्यूरो)। सोमवती स्नान पर्व के मद्देनजर एसपी सुनील कुमार ने ट्रैफिक प्लान पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान पर्र्वों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है, जिससे जगह-जगह जाम लगता है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस रूट डायवर्जन करने, निर्धारित स्थानों पर वाहनों की पार्किंग कराने के निर्देश दिये हैं।