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एक तो गर्मी, ऊपर से बिजली की आंख मिचौली

Wed, 17 Jun 2015 11:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
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एक ओर गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही, दूसरी ओर बिजली भी अपने नखरे दिखा रही है। शहर में ही देख लीजिए बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। आए दिन रोस्टर बदल जाता है। विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि भरपूर बिजली मिल रही है, जबकि 10 घंटे से ज्यादा की कटौती हो रही है, ऊपर से फाल्ट ट्रिपिंग में समय अलग निकल जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो और बुरा हाल है। 16 घंटे आपूर्ति के आदेश हैं, लेकिन मिल छह-सात घंटे रही है। इस समय किसानों को फसल में पानी देने के लिए बिजली की सख्त जरूरत है।
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गांव मरथरा के किसान दिनेश गिरि, शिव कुमार दीक्षित, गांव दस्तमपुर के किसान नंदकिशोर वर्मा, सैंथरा निवासी पूर्व प्रधान यादराम वर्मा का कहना है कि बिजली कभी दोपहर को तीन बजे आती है और सायं छह बजे चली जाती है। कभी रात को 11 बजे आती है और दो बजे तक रहती है, कभी 12 बजे ही चली जाती है। इस समय जरी, बाजरा, मक्का, अरहर व मूंग की फसल में पानी की जरूरत है। बताया कि फसल बचाने को डीजल पंपसेट से सिंचाई करने पर दो सौ से ढाई सौ प्रति बीघा तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है, जबकि बिजली की सिंचाई से किसानों को 50 से 70 रुपये प्रति बीघा ही खर्च करने पड़ते हैं।

शहर में बिजली कटौती
सुबह साढ़े चार से साढ़े सात बजे तक
दोपहर में एक बजे से चार बजे तक
रात आठ बजे से 11 बजे तक

गांव चिरगवां व गुदाऊ में भी यही हाल
ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र में आने वाले गांव गुदाऊ व चिरगवां आदि में बिजली न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव गुदाऊ निवासी रामे ठाकुर ने बताया कि पिछले 10 दिन से टिमरूआ फीडर पर बिजली न आने से फसलें सूख रही हैं। गांव चिरगवां निवासी पवन कुमार, उमाशंकर ने बताया कि पिछले दो माह से बिजली के दर्शन नहीं हुए। ट्रांसफार्मर लोड ज्यादा पड़ने से आए दिन फुंक जाता है। जबकि विभाग बिजली बिलों में बढ़ोत्तरी कर देता है। पहले मात्र 180 रुपये प्रतिमाह बिल आता था अब 750 रुपये प्रतिमाह का आ रहा है। ग्रामीण अर्जुन सिंह, रामबाबू, जितेंद्र सिंह, जुगेंद्र सिंह, उमाशंकर सिंह, मदनलाल पचौरी, नीरज पचौरी, राजेश कुमार आदि ने आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग की है।
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एक माह से नहीं आ रही बिजली, ग्रामीणों का प्रदर्शन
गांव विरामपुर में एक माह से ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। शिकायतों के बाद भी सही नहीं हुआ। इसके चलते बुधवार को ग्रामीणों ने गांव के बाहर प्रदर्शन किया और ट्रांसफार्मर सही कराए जाने की मांग की। कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान न हुआ तो आंदोलन करेंगे। इनमें योगेश दीक्षित, राजेश कुमार, उमेशचंद्र, राजपाल, जवर सिंह, कुंवरपाल, सत्येंद्र सिंह, डॉ. हरिओम, मुकेश कुमार, यादवेंद्र सिंह, अजय शर्मा, प्रमोद कुमार, मानिक चंद्र, रामकिशोर लोधी आदि शामिल थे।
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वर्तमान में बिजली भरपूर मिल रही है। नौ घंटे की कटौती है। यदि कहीं कोई फाल्ट हो जाता है तो इस बीच में थोड़ी बहुत देर के लिए व्यवधान पैदा होता है।
- राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता शहरी
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