एटा। जिले में संचालित हो रहे राजकीय स्कूलों के कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए विशेष क्लास चलाई जाएंगी। ऐसे बच्चों के लिए अलग से पाठ्यक्रम भी तैयार कराया जाएगा। जुलाई महीने से शिक्षण कार्याें की मॉनिटरिंग भी होगी।
जिले में 25 राजकीय स्कूल संचालित हैं। इनमें पढ़ने वाले बच्चों का शैक्षिक स्तर सुधारने को लेकर कवायद तेज हो गई है। शिक्षक ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर रहे हैं, जो अन्य छात्र-छात्राओं के मुकाबले पढ़ने में कमजोर हैं। बताया गया प्रत्येक विद्यालय से 25 प्रतिशत कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा। इन विद्यार्थियों की पहचान करते हुए उनके लिए अलग पाठ्यक्रम तैयार कराया जाएगा। ऐसे बच्चों के लिए शिक्षक विशेष कक्षाएं संचालित करेंगे। खासतौर से हिंदी, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान की कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
कमजोर विद्यार्थियों के शिक्षण कार्यों की हर महीने मॉनिटरिंग भी की जाएगी। शिक्षक विद्यार्थियों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। ताकि इन बच्चों में हो रहे सुधार के बारे में जानकारी हो सके। माध्यमिक शिक्षा के जिला समन्वयक जीएस राजपूत ने बताया शिक्षा परिषद से जो निर्देश आए थे उन निर्देश के बारे में प्रधानाचार्यों को बता दिया गया है। 18 मास्टर ट्रेनर ने नाम शिक्षा परिषद को भेजे जा चुके हैं।
बीते वर्ष 3370 बच्चे हुए थे चिह्नित
बीते वर्ष कमजोर बच्चों की बात करें तो जिले में 3370 बच्चे चिह्नित किए गए थे। जहां इनकी अलग से कक्षाएं संचालित कराई गईं थीं। विभाग के मुताबिक बच्चों को इसका लाभ भी मिला है।