एटा। मेडिकल कॉलेज स्थित आपातकालीन विभाग (इमरजेंसी) में जूनियर और सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाती है। सीनियर चिकित्सक महीनों से इमरजेंसी नहीं पहुंच रहे हैं। जूनियरों के सहारे ही इमरजेंसी सेवाएं चल रही हैं। जिसके चलते गंभीर मरीजों को आगरा और अलीगढ़ रेफर किया जा रहा है। गंभीर बीमार और हादसों के शिकार मरीजों को मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद यहां बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह चौहान ने शुक्रवार को निरीक्षण किया तो सीनियर चिकित्सकों की पोल खुलकर सामने आई। इमरजेंसी में सीनियर के साथ ही जूनियर चिकित्सक भी नदारद पाए गए। जब प्राचार्य ने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो लंबे समय से किसी भी सीनियर चिकित्सक की हाजिरी नहीं मिली। इसके बाद सीनियर और जूनियर चिकित्सकों से जवाब तलब किया गया है। मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से जानकारी करने पर पता चला कि सीनियर डॉक्टर लंबे समय से इमरजेंसी नहीं आ रहे हैं। बहुत जरूरत पड़ने पर फोन पर ही इलाज बता दिया जाता है। प्राचार्य ने बताया कि इमरजेंसी का निरीक्षण किया था। सीनियर और जूनियर चिकित्सक मौजूद नहीं पाए गए। मरीजों के उपचार में लापरवाही अति गंभीर मामला है। ड्यूटीरत चिकित्सकों से जवाब तलब किया गया है, कार्रवाई की जाएगी।