एटा। जनपद में 23 बैंकों के करीब 30 हजार से अधिक बैंक खाते नॉन प्रोसेसिंग एसेट (एनपीए) हो गए हैं, जिनमें बैंकों की 309 करोड़ की रकम फंसी हुई है। सबसे ज्यादा रकम कृषि ऋण की है। बैंक इन्हें वसूलने के प्रयासों में जुटा है। इसी महीने एनपीए खाताधारकों के लिए लोक अदालत की तैयारी है। लीड बैंक मैनेजर प्रदीप थॉमस के अनुसार जिले में 23 बैंकों की कुल 149 शाखाएं और करीब दो लाख, 17 हजार खाताधारक हैं।
इस साल 30 जून तक जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक इन शाखाओं में एनपीए खातों की संख्या 30 हजार से अधिक पहुंच गई। इन्होंने बैंकों से ऋण तो ले लिया, लेकिन उसकी अदायगी नहीं कर रहे हैं। उनके खातों में लेेनदेन नहीं हो रहा। न ही ब्याज की रकम चुकाई जा रही है। ऐसे में एनपीए खातों की कुल रकम 309 करोड़ से अधिक पहुुंच गई है। ऋण अदा न करने वालों में सबसे अधिक संख्या कृषि ऋण लेने वाले किसानों की है।
लोक अदालत से उम्मीद
लीड बैंक मैनेजर प्रदीप थॉमस ने बताया कि ऋण न चुका पाने वाले ग्राहक लोक अदालत में एक मुश्त समझौता कर सकते हैं। लोक अदालत 14 दिसंबर को लगेगी। इसमें एनपीए खाताधारक एक मुश्त समझौता कर सकते हैं। इसमें ग्राहक को ब्याज आदि पर छूट मिल सकती है।