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सावन की पहली बारिश में भीगे लोग

Fri, 07 Aug 2015 06:02 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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शुक्रवार को हुई सावन की पहली बारिश ने लोगों को खूब भिगोया। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश का शहर से गांव तक लोगों ने आनंद लिया तो जगह-जगह जलभराव भी हुआ। खरीफ की फसलों के लिए एक घंटे की बारिश संजीवनी रही।
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लगातार उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए शुक्रवार की बारिश राहत देने वाली रही। मौसम ठंडा हुआ और तापमान में भी गिरावट आई। दोपहर करीब एक बजे हुई झमाझम बारिश ने लोगों को तरबतर कर दिया। लोगों ने घर से बाहर निकलकर बारिश का लुत्फ उठाया। स्कूली बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। अलीगंज में तीन घंटे से ज्यादा समय तक हुई बारिश से पुरानी तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबरों में भी पानी घुस गया। मेन बाजार में पानी सड़कों पर दिखाई दिया। मारहरा में बारिश से मोहल्ला तालागढ़, कायस्थान, हैदरी चौक, हनुमान चौक के अलावा मोहल्ला कम्बोह में पानी सड़कों पर भर गया। छोटे बच्चों ने भी बारिश का जमकर आनंद लिया। अवागढ़ में भी आधा घंटे की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। राजा का रामपुर, जैथरा, मिरहची आदि स्थानों पर भी बारिश हुई।  

जलभराव के चलते फंसी एंबुलेंस
बारिश से हुए जलभराव के कारण लोगों को खासी परेशानी हुई। सिटी कोतवाली, जिला अस्पताल परिसर, कैलाशगंज, ठंडी सड़क, मेहता पार्क, हाथी गेट, कचहरी रोड, विजय नगर, शांती नगर सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। हालांकि बाद में पानी निकल गया। वहीं प्रेम नगर चौराहा स्थित एक गली में जलभराव होने से चालक को नाली का अंदाजा नहीं लगा और एंबुलेंस उसमें फंस गई। गनीमत थी कि उसमें कोई मरीज नहीं था। लोगों ने बाद में एंबुलेंस को बाहर निकाला, वहीं वर्णी जैन इंटर कालेज के पास एक बच्चा नाली में गिरकर चुटैल हो गया।
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खरीफ फसलों के लिए संजीवनी
कृषि विभाग की मानें तो शुक्रवार को हुई बारिश खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी। हालांकि विभाग इसे पर्याप्त बारिश नहीं मान रहा है। एक माह से बरसात न होने से किसानों के साथ कृषि विभाग भी चिंतित था। जुलाई के पहले सप्ताह में हुई अच्छी बारिश के बाद जिले में खरीफ का आच्छादन क्षेत्र कवर किया गया था, लेकिन बारिश के न होने से सभी फसलें सूखने की कगार पर थीं। कुछ किसानों ने बाजरा की फसलों को नष्ट भी कर दिया था। वहीं, कुछ मक्का की फसलें भी सूखने से खराब हो गई थीं। इसके बाद भी किसान सिंचाई कर मक्का बाजरा की फसलों को बचाने की कवायद कर रहा था। किसानों की मानें तो बारिश के बाद अब फसलों को सींचने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन अभी उन्हें और अधिक बारिश की दरकार है।
 खरीफ के लिए अच्छी बारिश हुई है। जो फसलें सूखने की कगार पर थीं, उनमें अब सुधार आने की संभावना है। बारिश लेट हुई है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। - डा. सर्वेश यादव, जिला कृषि अधिकारी
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