एटा। स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पलीता लगाने वाली दो कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। सीएमओ ने लापरवाही बरतने वाली क्षय रोग विभाग में लेखाकार और आयुष्मान भारत योजना में जिला कार्यक्रम समन्वयक का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि क्षय रोग विभाग में मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत सहायता राशि प्रदान की जाती है। 2018 में शुरू की गई इस योजना में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रत्येक अधिसूचित टीबी रोगी को लगभग 1000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
मगर वर्तमान में क्षय रोग विभाग में तैनात लेखाकार पूनम कुमारी ने 1650 मरीजों को इस योजना का लाभ देने में लापरवाही बरती। जिसके चलते शिकायत मिलने पर इनका वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
इसके साथ ही मंडलायुक्त की ओर से आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसमें जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्योति की ओर से लापरवाही पाई गई।
जिस गति से आयुष्मान कार्ड बनने थे उससे नहीं बन रहे हैं। जिसके बाद इनका भी वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।