एटा। जननी सुरक्षा योजना के तहत संबंधित अधिकारियों को पूर्व निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद भी लापरवाही बरकरार है। इस तरह के लापरवाह 16 एएनएम की वेतन वृद्धि रोकी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को कार्यालय के सभागार में समीक्षा बैठक की। समीक्षा करते हुए कहा कि जननी सुरक्षा योजना में निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश समय-समय पर दिए जाते हैं। इसके बाद भी प्रसव इकाइयों पर कार्यरत कर्मचारी सही तरीके से कार्य नहीं कर रहे हैं।
ऐसे ही पद के अनुरूप कर्तव्यों का निर्वहन न करने वाले जलेसर ब्लॉक में तैनात वंदना, नीतू, दयाल, पूनम और सुनैना (संविदा कर्मचारी) व गीता गौड़, पूनम और रानी (नियमित कर्मचारी), निधौली कला में तैनात अलका वर्मा (नियमित कर्मचारी) और शीतल, दीपमाला, सीमा व सरोज (संविदा कर्मचारी), सकीट में तैनात नियमित कर्मचारी डोली यादव और विमलेश व संविदा कर्मचारी रीना सी लाल और अंजलि की वेतन वृद्धि रोकी गई है।
सीएमओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की अपेक्षा 2024-25 में समीक्षा के बाद पाया गया कि इन इकाइयों पर प्रसव पिछले वर्ष की अपेक्षा 171 कम हुए हैं।