एटा। कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश में दो दिन का लॉकडाउन किया गया है। इसमें परिवहन निगम की सेवा भी बंद कर दी गई। इससे रोडवेज को दो दिन में 18 लाख रुपये राजस्व की हानि हुई।
लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को छोड़ने में लगी बसों के चालक-परिचालकों को संक्रमण से बचने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। साथ ही उन्हें प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं एक जून से अनलॉक होने के बाद पूरे माह बसों में यात्रियों का टोटा रहा। जहां प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपये की आय हुई।
जून के अंतिम दिनों में यह आय बढ़कर सात से आठ लाख पर पहुंची। वहीं जुलाई में यात्रियों की संख्या में और इजाफा हुआ। यह बढ़कर नौ लाख पर पहुंच गई। इस बीच सीएम द्वारा अचानक दो दिन का लॉकडाउन करने से रोडवेज को फिर हानि हुई है।
45 बसें कर चुकी हैं समर्पण
रोडवेज में इनकम हो नहीं रही थी। खर्चे लगातार बढ़ रहे थे। वहीं बसों में यात्रियों का टोटा रहता था। इसके चलते डिपो द्वारा 45 बसों का समर्पण किया गया। इससे रोडवेज को लाखों रुपये की बचत होने लगी।
रोडवेज को जुलाई से नौ लाख रुपये की इनकम होने लगी थी। वहीं दो दिन के लॉकडाउन से डिपो को लगभग 18 लाख रुपये राजस्व की हानि हुई है।
मदनलाल, एआरएम