एटा। पिछले तीन दिन से हो रही बरसात की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसे में बरसात के समय बस संचालन में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। नई बसें आने के बाद भी कई में वायपर न होने के कारण बस चलाते समय समस्या होती है। हादसों की आशंका रहती है।
वर्तमान में डिपो के बेड़े में निगम की 94 और अनुबंधित 86 बसें हैं। जिला मुख्यालय से सभी रूटों पर इन बसों का संचालन किया जा रहा है। जिस प्रकार से पिछले तीन दिन से मौसम बिगड़ा है, उसकी वजह से लंबे रूट पर बस चलाने में चालकों को कठिनाइयों का समस्या करना पड़ता है।
ऐसे में अगर बसों के शीशे पर वायपर नहीं होता है, तो चालक को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस की गति धीमी रखनी पड़ती है और बार-बार बस को रोककर शीशा पोंछना पड़ता है। डिपो के बेड़े में शामिल निगम की पुरानी बसों में वायपर नहीं है और अनुबंधित बसों के अंदर भी यह समस्या है। गांव दलेलपुर निवासी राजकुमार ने बताया कि वायपर न होने के कारण चालक बरसात होने पर गाड़ी चलाने में स्वयं को असुरक्षित महसूस करता है।
वहीं सेंथरी निवासी शिवम ने बताया कि वायपर न होने के चलते बस में सफर करने वाले यात्री भी खुद की जान खतरे में समझते हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार की बसों में समस्या का समाधान कराया जाएगा। बरसात का मौसम आने तक सभी बसों में वायपर लगवा दिए जाएंगे। सभी यात्रियों की सुरक्षा का पहला दायित्व हमारा है। संवाद