एटा। सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है लेकिन डिपो की ओर से बसों में पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। किसी की खिड़की टूटी है, तो किसी के दरवाजे बंद नहीं होते। इसकी वजह से यात्रियों को सफर के दौरान ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
डिपो में वर्तमान में 187 बसें हैं। इनमें से अधिकांश नई बसें लंबे रूट पर संचालित की जा रहीं हैं, जो पुरानी बसें हैं उन्हें लोकल रूट पर चलाया जा रहा है। उनमें से किसी के शीशे टूटे हैं, तो किसी के गेट पूरी तरह बंद नहीं होते। बस चलने पर इनमें से लगातार तेजी के साथ ठंडी हवा आती है।
गर्मियों में तो इससे समस्या नहीं थी, लेकिन सर्दियों में ये हवा मुसीबत बन गई है। सुबह-शाम और रात के समय सर्दी बढ़ गई है जिसकी वजह से इन टूटी खिड़की वाली बसों में सफर करना कठिन हो गया है।
देर शाम फर्रुखाबाद जाने के लिए बस में बैठा था, खिड़की का शीशा जाम होने की वजह से बंद नहीं हुआ। जिसके चलते ठंडी हवा सीधी अंदर आ रही थी और सर्दी लग रही थी। - संजय कुमार, जेंदपुरा
मैनपुरी जाने के लिए बस में बैठी थी। सर्दी में ठंडी हवा सीधी अंदर आ रही थी। देखा तो शीशे की रबड़ खराब थी जिसके कारण कांच बंद नहीं हो रहा था। इससे सर्दी लग रही थी। - प्रियंका देवी, संतोषपुर
वैसे तो अधिकांश बसें डिपो में नई आ चुकी हैं, किसी बस में अगर इस प्रकार की समस्या है तो उसको जल्दी दूर कराया जाएगा, ताकि यात्री सुलभ यात्रा कर सकें। - नरेश चंद्र गुप्ता, एआरएम