जिला कोषागार में रिटायर्ड शिक्षकों का हंगामा
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जिले के दर्जनाें शिक्षकों को जीपीएफ भुगतान नहीं होने पर भड़के पीड़ित शिक्षकों ने जिला कोषागार कार्यालय में शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। शिक्षकों और कोषागार कर्मियों में नोकझोंक के बाद जमकर नारेबाजी हुई। यही नहीं जिला कोषागार अधिकारी से उनके कार्यालय में जमकर अभद्रता भी हुई। हंगामा तब शांत हुआ जब कोषाकार अधिकारी ने जेल भेजने की धमकी दी।
सेवाकाल में वेतन से काटे गए जीपीएफ भुगतान के लिए शिक्षकों को भटकना पड़ रहा है। मामले को लेकर पीड़ितों ने कोषागार निदेशालय का दरवाजा खटखटाया। लेकिन निदेशालय के आदेश पर भी लाखों रुपए का भुगतान नहंी हुआ। उत्तर प्रदेश अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय लेखाकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नरेश चंद्र भारद्वाज का आरेाप है कि विभागीय अव्यवस्था के चलते माविद्यालय और माध्यमिक विद्यालयों के दर्जनों सेवानिवृतों के जीपीएफ भुगतान नहीं हो रहा। आरोप है कि शुक्रवार को पीड़ितों के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को भी जिला कोषाधिकार ने नही सुना और जेल भेजने की धमकी देकर भगा दिया। प्रतिनिधि मंडल में सेवानिवृत प्रो. राकेश मधुकर, राकेश सक्सेना, शिक्षक विधायक प्रतिनिधि रामलाल कुशवाहा, आलोक दुबे शामिल थे। वहीं जिला कोषागार अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कहा विभाग जीपीएफ देने को तैयार है, लेकिन डीआईओएस कोषागार में जमा कराए गए जीपीएफ का सत्यापन नहीं करा रहे। जबकि उच्च शिक्षा कार्यालय बीएसए के खाते में जमा 80 करोड़ रुपये में से आधी से ज्यादा रकम को अपनी बताकर हस्तांतरित करने की मांग कर रहा है। कोषागार अधिकारी का कहना है कि शुक्रवार को डा0 नरेश चंद्र भारद्धाज ने शिक्षकों संग आकर कार्यालय में अभद्रता की। इसी के चलते विभाग के कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच नोकझोक होने से नारेबाजी के दौरान माहौल गरमाया।