मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 63 वर्षीय वृद्ध को लाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उनको मृत घोषित कर दिया। वहीं टीबीसीडी विभाग में 200 मरीजों ने सांस व क्षय रोग की बीमारी का उपचार लिया।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार को सुबह करीब 6 बजे अनिल प्रताप सिंह (63) निवासी धोलेश्वर को लाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। चचेरे भाई अनुज प्रताप ने बताया कि सुबह के वक्त उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए जहां चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मृत घोषित कर दिया। दो साल पहले ही वह दरोगा से सेवानिवृत्त हुए थे।
वहीं मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग में सांस, क्षय रोग और अस्थमा के करीब 200 मरीजों ने उपचार लिया। डॉ. शिवांग ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने की वजह से मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। क्षय रोग के मरीज भी उपचार लेने के लिए आ रहे हैं। मरीजों की निरंतर काउंसिलिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में भी बुजुर्ग लोगों को सांस लेने में थोड़ी दिक्कत हो जाती है। उन्हें उपचार के साथ सलाह भी दी जा रही है।